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हैट्रिक के चक्कर में चूक गई बीजेपी, यूपी में 33 में से 20 सांसद नहीं बचा पाए अपनी सीट

यूपी लोकसभा चुनाव में 49 मौजूदा सांसदों में से 27 हार गए। इनमें से 33 सांसद तीसरी बार या उससे अधिक बार चुनाव में उतरे थे, लेकिन उनमें से 20 अपनी सीटें हार गए।

हैट्रिक के चक्कर में चूक गई बीजेपी, यूपी में 33 में से 20 सांसद नहीं बचा पाए अपनी सीट
Deep Pandeyलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊFri, 07 Jun 2024 09:20 AM
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लोकसभा चुनाव नतीजे के बाद मोदी सरकार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। इसकी तैयारी चल रही है। इस सब के बीच यूपी में बीजेपी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा इस पर मंथन पर चल रहा है। सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम दिल्ली पहुंचे हैं। दरअसल, यूपी में 49 मौजूदा सांसदों में से 27 हार गए। बीजेपी ने 2019 में चुनाव लड़ने वाले 54 उम्मीदवारों को दोहराया था, लेकिन उनमें से 31 इस बार जीत हासिल करने में असफल रहे।

टीओआई के मुताबिक, दोहराए गए उम्मीदवारों में से 49 मौजूदा सांसद थे इसमें अंबेडकरनगर के उम्मीदवार रितेश पांडे भी शामिल थे, जो बसपा से भाजपा में आए थे। इनमें से 33 सांसद तीसरी बार या उससे अधिक बार चुनाव में उतरे थे, लेकिन उनमें से 20 अपनी सीटें हार गए। इस सूची में स्मृति ईरानी (अमेठी), अजय मिश्रा टेनी (खीरी), कौशल किशोर (मोहनलालगंज), महेंद्र नाथ पांडे (चंदौली), साध्वी निरंजन ज्योति (फतेहपुर), संजीव बालियान (मुजफ्फरनगर), भानु प्रताप सिंह वर्मा (जालौन) जैसे सांसद और केंद्रीय मंत्री शामिल हैं।  

आठ बार की सांसद मेनका गांधी (सुल्तानपुर) और पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह (एटा) जैसे हाई-प्रोफाइल सांसदों को भी हार का सामना करना पड़ा। अन्य महत्वपूर्ण नुकसान में लल्लू सिंह (फैजाबाद) और सुब्रत पाठक (कन्नौज) शामिल हैं।
आंकड़ों से पता चला कि तीसरी या अधिक बार चुनाव लड़ रहे केवल 14 भाजपा सांसद जीते, जिनमें पीएम नरेंद्र मोदी (वाराणसी), महेश शर्मा (जीबी नगर), भोला सिंह (बुलंदशहर), राजनाथ सिंह (लखनऊ), और हेमा मालिनी (मथुरा) शामिल हैं। सत्ताधारियों के बीच हार के बावजूद, 21 अन्य भाजपा उम्मीदवारों में से 10, जिनमें कई पहली बार चुनाव लड़ रहे थे वो विजयी हुए। पहली बार के प्रमुख विजेताओं में जितिन प्रसाद (पीलीभीत), छत्रपाल सिंह गंगवार (बरेली), अतुल गर्ग (गाजियाबाद), आनंद गोंड (बहराइच), और करण भूषण सिंह (कैसरगंज) शामिल हैं।

इसी तरह 16 मौजूदा सांसदों सहित 19 उम्मीदवारों ने लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ा। इनमें से सात मौजूदा सांसदों समेत दस को अपनी सीटें गंवानी पड़ीं। इनमें प्रदीप कुमार (कैराना), राम शंकर कठेरिया (इटावा), संगम लाल गुप्ता (प्रतापगढ़), प्रवीण निषाद (संत कबीर नगर) और आरके सिंह पटेल प्रमुख थे।