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घर से निकाले जाने के बाद वृंदावन में भटकती रही भाजपा नेता की बूढ़ी मां, भक्ति चैनल पर सुनाई तीन बेटों की कारस्तानी की दास्तां

मुस्करा (हमीरपुर)। संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Sun, 13 Jun 2021 08:20 PM
घर से निकाले जाने के बाद वृंदावन में भटकती रही भाजपा नेता की बूढ़ी मां, भक्ति चैनल पर सुनाई तीन बेटों की कारस्तानी की दास्तां

‘चलती फिरती आंखों से अज़ां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी है मां देखी है’ अजीम शायर मुनव्वर राना की मां के दर्जात को बुलंद करने वाले इन शेरों के मायनों को हर तरह से संपन्न तीन बेटों ने पूरी तरह से उलट दिए। अपनी ही मां को घर से बेघर कर दिया। भटकती हुई मां वृंदावन पहुंच गई, जहां भक्ति चैनल के कथावाचक ने इस बूढ़ी मां की कहानी को लाइव कर दिया। बाद में पता चला कि जिस मां की कहानी को दिखाया गया है वो मुस्करा कस्बा निवासी भाजपा नेता की मां हैं। अब जब दुनिया इस कहानी को देख और सुन चुकी है तब उसके सभी बेटे पूरे घटनाक्रम से अंजान होने की कोशिश कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला के बेटे का नाम प्रमोद अग्रवाल है। वह भाजपा नेता के मंडल अध्यक्ष हैं। प्रमोद के दो और भाई भी हैं। सभी संपन्न हैं। तीनों को नहीं पता कि बूढ़ी मां वृंदावन कैसे पहुंच गई। अभी हाल ही में एक भक्ति चैनल के कथावाचक ने भाजपा नेता की बूढ़ी मां के दर्द की दास्तां सुनाई, जिसे सुनकर आंखें भर आईं। कथावाचक ने बताया कि किस तरह उस बूढ़ी मां के बेटों ने उसे वृंदावन के वृद्धाश्रम में भटकने के लिए छोड़ दिया। वृद्धा ने भी अपना दर्द कथावाचक को बयां किया। मां ने आरोप लगाया, बहू बेटे मारते-पीटते थे। सभी कहते थे अब हमारे पास नहीं छोटे के पास जाओ।

छोटी बहू बोलती थी बड़े बेटे के पास जाओ। एक बेटे ने 10 साल तक रखा और दूसरे ने रखने के लिए मना कर दिया। तीसरे ने सात महीने तक रखने के बाद हाथ खड़े कर लिए। मां ने थक हारकर कह दिया कि हम वृद्धा आश्रम जा रहे हैं तो सभी ने कहा जहां मर्जी हो चली जाओ। दुख भरी दास्तां का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके पुत्र प्रमोद अग्रवाल भी सामने आए। उनका कहना है कि मां अपनी बहन के घर गई थीं, लेकिन वृंदावन कैसे पहुंच गईं मुझे नहीं पता।

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