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9 जुलाई, 2020|10:08|IST

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लॉकडाउन में भाजपा तैयार कर रही अपना सफरनामा, सहेज रही यादों का खजाना

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन के स्‍तर पर कभी चुप नहीं बैठती। कोरोना लॉकडाउन में सारे कार्यक्रम स्‍थगित हैं, दफ्तर में सन्‍नाटा है लेकिन अंदर ही अंदर भाजपा ने बड़ी खामोशी से अपनी यादों का बक्‍सा सहेज रही है। गांव-गांव, शहर-शहर में पुराने नेता-कार्यकर्ता और उनके परिवार ढूंढे जा रहे हैं। उनसे जानकारियों, पुराने संरमरणों, तस्‍वीरों, ऑडियो-वीडियो और समाचार की कतरनों का खजाना जुटाया जा रहा जिनका इस्‍तेमाल पार्टी बरसों बरस करती रहेगी। 

इस मुहिम की एक बानगी 22 अप्रैल 2020 को तब दिखी थी जब प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया से पूर्व विधायक रहे नारायन जी उर्फ भुलई भाई को फोन कर उनका आशीर्वाद लिया। अब भुलई भाई जैसे संगठन के पुराने खांटी लोगों को ढूंढ ढूंढ कर पार्टी कार्यकर्ता सम्‍पर्क कर रहे हैं। यही नहीं उनके पुराने संस्‍मरणों, आंदोलनों, अभियानों, कार्यक्रमों और हर उस महत्‍वपूर्ण बात जिसका संगठन से कोई लेना-देना हो, दस्‍तावेजीकरण भी किया जा रहा है।

पांच मई को पार्टी ने अपने सभी क्षेत्रीय अध्‍यक्षों, क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्‍यक्षों को पत्र भेजकर इस काम को शोधपरक ढंग से करने का निर्देश दिया। पार्टी इतिहास संकलन के इस अभियान के तीन चरण हैं। पहला  पूर्वकाल (1951 से 1974 तक जनसंघ के समय का इतिहास, दूसरा मध्‍यकाल (1974 से 1977 आपातकाल में संघर्ष का इतिहास और 1977 से 1980 जनता पार्टी-संघ विचार के लोगों की जानकारी) और तीसरा वर्तमान (1980-भाजपा की अब तक की यात्रा)। यह संकलन जनसंघ और भाजपा के उस दौरान महत्‍वपूर्ण पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से या उनके परिवारों से मिलकर किया जा रहा है। उनके साक्षात्‍कार, जीवन वृत्‍त, समाचारों की कतरनों,ऑडियो-विजुअल, पार्टी साहित्‍य, पर्चा, पोस्‍टर आदि को जुटाकर प्रदेश कार्यालय को भेजा जा रहा है। जनसंघ काल से लेकर अभी तक के प्रदेश स्‍तरीय, क्षेत्र स्‍तरीय आंदोलनों-अभियानों खासकर गो-रक्षा, महंगाई, कश्‍मीर, धारा-370, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों द्वारा बाहर रहकर चलाए गए भूमिगत आंदोलनों, रामजन्‍मभूमि आंदोलन, एकता यात्रा, किसान यात्रा, सुरक्षा यात्रा सहित विभिन्‍न अभियानों के बारे में संस्‍मरण, फोटो, समाचार कतरनें जुटाई जा रही हैं। 

विचार परिवार को सक्रिय रखने का मिशन
जानकारों की मानें तो भाजपा के इस अभियान के पीछे संगठन में उर्जावान नौजवानों के साथ बुजुर्ग ,अनुभवी पूर्व पदाधिकारियों को भी कम सो कम सोच के स्‍तर पर सक्रिय रखने का मिशन है। संसद, विधानसभाओं में प्रतिनिधित्‍व और प्राथमिक सदस्‍यता की दृष्टि से दुनिया के सबसे बड़े संगठन के दावे के साथ कोशिश, शहर से गांवों तक नए-पुराने, सक्रिय-निष्‍क्रिय सभी प्रकार के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को पार्टी से जोड़े रखने की है। हाइकमान का मानना है कि यह जुड़ाव आगे हर मौके पर न सिर्फ पार्टी के काम आएगा बल्कि उसे मजबूती भी देगा। भाजपा ने दिल्‍ली से लेकर जिले-जिले में जमीन खरीदकर स्‍थाई कार्यालय बनाए हैं। पार्टी का यह वृहद इतिहास भविष्‍य में उन कार्यालयों के साहित्‍य भंडार का अभिन्‍न अंग भी बनेगा। 

गोरखपुर में अब तक 20 परिवारों के संस्‍मरण जुटे 
गोरखपुर में इस अभियान की कमान सम्‍भाल रहे महानगर उपाध्‍यक्ष शशिकांत सिंह और शाश्‍वत अग्रवाल पीयूष ने पिछले आठ दिनों में 20 परिवारों से सम्‍पर्क स्‍थापित किया है। उनके संस्‍मरण, फोटो, वीडियो आदि पार्टी द्वारा जारी वाट्सएप नंबर पर लगातार भेजे जा रहे हैं। शशिकात सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों से सम्‍पर्क के दौरान उनकी टीम सोशल डिस्‍टेंसिंग और सुरक्षा के मानकों का पूरा ध्‍यान रख रही है।

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