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भाजपा ने दिनेश को दी गांधी परिवार का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी, आज करेंगे नामांकन

भाजपा ने दिनेश को गांधी परिवार का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी। रायबरेली से आज नामांकन करेंगे। कभी सोनिया गांधी के करीबी रहे दिनेश सिंह ने 2019 में उन्हीं के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

भाजपा ने दिनेश को दी गांधी परिवार का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी, आज करेंगे नामांकन
Deep Pandeyसुनील पांडेय,रायबरेलीFri, 03 May 2024 06:27 AM
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भाजपा ने रायबरेली सीट का सस्पेंस खत्म कर दिया। पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है। अब उनके कंधों पर गांधी का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी है। कभी सोनिया गांधी के करीबी रहे दिनेश सिंह ने 2019 में उन्हीं के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह दो बार कांग्रेस से एमएलसी रहे जबकि तीसरी बार भाजपा से एमएलसी बनकर प्रदेश मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। सिंह ने कहा कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है, वह उस पर खरा उतरेंगे। 

काफी किंतु-परंतु के बाद वीआईपी सीट रायबरेली के लिए भाजपा ने उम्मीदवार घोषित कर दिया। प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे। दिनेश सिंह की कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से काफी करीबी रहे हैं। यही वजह थी कि 2010 में दिनेश प्रताप सिंह पहली बार और 2016 में दूसरी बार कांग्रेस से एमएलसी बने थे। 2018 में दिनेश ने भाजपा में आ गए। इसके बाद 2019 में उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि सोनिया गांधी चुनाव जीत गई थीं। 2022 में वह भाजपा से एमएलसी चुने गए और सरकार का हिस्सा बने। 

2019 में मिले थे 367740 वोट 
2019 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी को 534918 वोट और दिनेश सिंह को 367740 वोट मिले थे। पार्टी का मानना है कि दिनेश ने बेहतर चुनाव लड़ा। इस प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी ने फिर उन पर भरोसा जताया है। दिनेश सिंह ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस पर खरा उतरेंगे। वह जमीन से जुड़े पार्टी के कार्यकर्ता हैं और पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे। अब वह शुक्रवार को नामांकन करेंगे। 

टिकट की दौड़ में आगे निकले
रायबरेली सीट गांधी परिवार का गढ़ रही है। फिरोज गांधी से लेकर इंदिरा गांधी तक यहां का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। भाजपा में टिकट की दौड़ में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय अग्रवाल और ऊंचाहार के विधायक मनोज पाण्डेय का नाम भी चल रहा था लेकिन टिकट की दौड़ में दिनेश सिंह आगे निकल गए। काफी सोच विचार के बाद भाजपा ने दिनेश सिंह पर भरोसा जताया है। अब उनके कंधों पर गांधी का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी है। 

राजनीति में रहा है पंचवटी का दबदबा
रायबरेली की सियासत में पंचवटी का दबदबा है। दिनेश सिंह के घर को पंचवटी के नाम से जाना जाता है। दिनेश प्रताप सिंह के भाई राकेश सिंह की पत्नी सोनिया सिंह हरचंदपुर की ब्लॉक प्रमुख रही हैं। राकेश सिंह कांग्रेस से हरचंदपुर से विधायक चुने गए थे जबकि वह भाजपा से पिछला चुनाव हार चुके हैं। दिनेश के छोटे भाई अवधेश सिंह की पत्नी सुमन सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। अवधेश सिंह भी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। दिनेश सिंह का बेटा पीयूष सिंह वर्तमान में हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख है।