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सरकारी वेबसाइट हैक कर बनाते थे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, ऐसे हुआ खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार

अयोध्या संवाददाताYogesh Yadav
Fri, 22 Oct 2021 11:08 PM
सरकारी वेबसाइट हैक कर बनाते थे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, ऐसे हुआ खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट को हैक कर फर्जी तरीके से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले गिरोह के दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपियों के पास से दर्जनों उपकरण सहित कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

विकास खंड सोहावल के ग्राम विकास अधिकारी वैभव पाण्डेय की ओर से इस सम्बंध में साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया था। साइबर क्राइम के अपर पुलिस महानिदेशक रामकुमार व अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव गुप्त ने पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह व एसएसपी शैलेश पाण्डेय को प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक सिंह व एसएसपी पाण्डेय के निर्देशन में साइबर क्राइम के अपर पुलिस अधीक्षक सच्चिदानन्द राय व सहायक पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना व पटरंगा थाना पुलिस ने पड़ताल शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पाण्डेय ने पुलिस लाइंस सभाकक्ष में शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि सूचना व साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई। जांच पड़ताल के बाद पटरंगा थाना क्षेत्र से मध्य प्रदेश निवासी हरिओम व आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक की-बोर्ड, दो माउस, तीन मोबाइल, पांच सिमकार्ड, तीन हार्ड डिस्क, 13 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, सात फर्जी आधार कार्ड, दो बायोमेट्रिक थम्ब स्कैनर, एक डिजिटल काउंटर, मैमोरी कार्ड, वाईफाई डिवाइस व कार्ड रीडर बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नागरिकता लेने सहित अन्य लाभ के दृष्टिगत भी जांच  कराई गई है। जांच के दौरान प्रकाश में आने वाले आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।  

गैर राज्यों के बनाए जा रहे थे प्रमाणपत्र

परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाना में दर्ज केस के अनुसार सरकारी पोर्टल को हैक कर ग्राम पंचायत सुरवारी सोहावल व आसपास की अन्य कई ग्राम पंचायतों को जन्म स्थान दर्शाकर बिहार व अन्य गैर राज्यों के व्यक्तियों के फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाते थे। इसी तरह मिल्कीपुर प्राथमिक सामुदायिक केन्द्र, अलभरी ग्राम पंचायत से हजारों फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए। एक पोर्टल से 900 व्यक्तियों के जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला भी प्रकाश में आया था। पुलिस की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपी जरूरी दस्तावेजों का उपयोग फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में करते थे। फर्जी प्रमाण पत्र विभिन्न प्रदेश असम, पश्चिम बंगाल व झारखंड के व्यक्तियों से भी सम्बंधित मिले हैं। 

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