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यूपी के 234 दरोगाओं को मिली बड़ी राहत, अपने ही बैच जूनियर होने का दाग धुला

सब इंस्पेक्टर की नौकरी ज्वाइन करते ही अपने साथियों से दो साल जूनियर बना दिए गए 234 सब इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत मिल गई है। सात साल बाद अब उन्हें प्रशिक्षण वर्ष का पीएनओ नंबर आवंटित किया जा रहा है।

यूपी के 234 दरोगाओं को मिली बड़ी राहत, अपने ही बैच जूनियर होने का दाग धुला
Ajay Singhविवेक पांडेय ,गोरखपुरThu, 15 Feb 2024 06:52 AM
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UP Police Sub Inspector: गोरखपुर में सब इंस्पेक्टर की नौकरी ज्वाइन करते ही अपने साथियों से दो साल जूनियर बना दिए गए 234 सब इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत मिल गई है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सात साल बाद अब उन्हें प्रशिक्षण वर्ष का पीएनओ नंबर आवंटित किया जा रहा है। दरअसल, 2011 में भर्ती दरोगा की नवम्बर 2015 से ट्रेनिंग शुरू हुई और वर्ष 2017 में उन्हें जिला एलाट हुआ। अगस्त-17 में 139 दरोगा ने गोरखपुर में ज्वाइन किए। यहां बाबुओं ने इन्हें पीएनओ नम्बर 2017 का एलाट कर दिया यानी उन्हें 2017 बैच का दरोगा बना दिया। अयोध्या और बरेली में भी यही खेल किया गया था। जबकि अन्य जिलों में 2015 बैच का पीएनओ नम्बर एलाट हुआ। शिकायत पर बाबुओ ने सुनी नहीं। नए-नए भर्ती हुए दरोगा तब चुप बैठ गए। करीब दो साल बाद उसी बैच के कुछ दरोगा यहां ट्रांसफर होकर आए तब वे दो साल सीनियर थे। मामला तत्कालीन एसएसपी तक पहुंचा तो बाबुओं ने पत्राचार की बात कह घुमा दिया। 

एक साथ ट्रेनिंग और दो साल नौकरी में पीछे
खजनी थानेदार गौरव कन्नौजिया, बेलघाट थानेदार अवधेश मिश्र, विकास सिंह, रविसेन यादव सहित कई ऐसे दारोगा हैं जिन्होंने 2015 में ट्रेनिंग की और अन्य जिलों में आमद किए उन्हें 2015 बैच का पीएनओ एलाट हुआ। जबकि उन्हीं के साथ ट्रेनिंग करने वाले सर्वेश राय, दीपक सिंह, मनीष यादव, अखिलेश कुमार, धनश्याम सिंह यादव, बबलू सोनकर, विशाल उपाध्याय, धीरेन्द्र राय आदि को गोरखपुर जिला मिला तो वे अपने साथियों से दो साल जूनियर हो गए थे।

अधिकारियों ने बाबुओं को ही बताया था सही
गोरखपुर में सब इंस्पेक्टर की नौकरी ज्वाइन करते ही अपने साथियों से दो साल जूनियर बना दिए गए 234 सब इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत मिल गई है। बाबुओं ने 2017 और 2018 बैच में भी गड़बड़ी की थी। बाबुओं ने इसी तरह से 2017 में ट्रेनिंग लेने वाले दरोगा के साथ भी खेल कर दिया। जब यह दरोगा 2018 में गोरखपुर जिले में आमद किए तो उन्हें बैच 2018 का एलाट कर दिया।

इस बार गोरखपुर के अलावा चार अन्य जिलों बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और सिद्धार्थनगर जिले के बाबुओं ने भी यही कारनामा किया था। बहराइच के दरोगाओं ने इसकी शिकायत डीजी टेक्निकल सर्विस के यहां की थी। जांच में पाया गया कि यह सभी 2017 बैच में भर्ती हुए हैं। डीजी टेक्निकल सर्विस की ओर से लिखित आदेश के बाद अन्य चार जिलों में कर्मियों ने अपनी गलती सुधार ली लेकिन गोरखपुर में तत्कालीन बाबू की मनमानी की वजह से संशोधन नहीं हो सका। उल्टे उस जांच करने वाले अधिकारियों ने भी बाबुओं को सही बता दिया।

हाईकोर्ट ने मांगा था पुलिस मुख्यालय से जवाब
अयोध्या में तैनात एक दरोगा ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा। इस पर अफसरों ने समीक्षा की तो यह गलती पकड़ में आई और पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने गोरखपुर, लखनऊ व बरेली के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। बताया गया कि पीटीएस में आगमन तिथि के अनुसार ही पीएनओ आवंटित की जाए।

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