ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशशिष्या से रेप मामले में पूर्व गृहराज्यमंत्री चिन्मयानंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया दोष मुक्त

शिष्या से रेप मामले में पूर्व गृहराज्यमंत्री चिन्मयानंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया दोष मुक्त

2011 में शिष्य से दुष्कर्म मामले में शाजहांपुर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को रेप केस में दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है। मुकदमा दर्ज...

शिष्या से रेप मामले में पूर्व गृहराज्यमंत्री चिन्मयानंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया दोष मुक्त
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,शाहजहांपुरThu, 01 Feb 2024 06:45 PM
ऐप पर पढ़ें

12 साल पुराने शिष्या से रेप और धमकी देने के मामले में पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने चिन्मयानंद को दोषमुक्त कर दिया है। गुरुवार को शाहजहांपुर की एमपी एमएलए कोर्ट नंबर तीन ने मुकदमे से चिन्मयानंद को बरी कर दिया। दरअसल चिन्मयानंद पर रेप और धमकी का मुकदमा दर्ज कराने वाली शिष्या अपने बयान से मुकर गई थी, उसने कोर्ट में कहा था कि चिन्मयानंद ने उसके साथ कभी को अपराध नहीं किया। इसी बयान के आधार पर चिन्मयानंद बरी किए गए। 

30 नवम्बर 2011 को स्वामी चिन्मयानंद की शिष्या ने शाहजहांपुर के थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में शिष्या ने स्वामी चिन्मयानन्द पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने कर्मचारियों आदि की मदद से मुुमुक्षु आश्रम शाहजहाँपुर
 में उसे बन्धक बनाकर कई बार दुराचार किया था। उस समय यह प्रकरण सामाजिक व राजनीतिक गालियारों में काफी चर्चा का विषय रहा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी विवेचना के बाद स्वामी चिन्मयानन्द के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था, जिसके बाद से मुकदमा अदालत में विचाराधीन था। इसी मुकदमे में अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें व बहस सुनने के बाद न्यायाधीश एहसान हुसैन ने अपना र्निणय सुनाते हुए स्वामी चिनमयानन्द को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।

स्वामी चिन्मयानन्द के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अपनी ओर से कल 6 गवाह पेश किये, जिसमें वादिनी मुकदमा के साथ ही मेडिकल करने वाली डा. सईद फातिमा, एफआईआर लेखक खुर्शीद अहमद, रोडियोलोजिस्ट एमपी गंगवार व बीपी गौतम तथा विवेचक मुकदमा नरेन्द्र प्रताप सिंह कोतवाली निरीक्षक शामिल थे। बचाव पक्ष की ओर से स्वामी चिन्मयानन्द के अधिवत्ता फिरोज हसन खां ने सभी गवाहों आदि से जिरह की। जिरह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने तथा बचाव पक्ष की ओर से स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां तथा अधिवक्ता मनेन्द्र सिंह ने अपने अपने तर्क व बहस अदालत के सामने रखे, जिसके बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत का निर्णय आने के बाद स्वामी चिन्मयानन्द के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने खुशी जताते हुए कहा कि स्वामी चिन्मयानंद पर साजिशन झूठे आरोप लगाये गये थे, इसके लिए उनकों पूरा विश्वास था कि अदालत के निर्णय में स्वामी चिन्मयानन्द बाइज्जत बरी करे जाएंगे।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें