ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशकिसानों को लेकर बड़ी राहत, बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई करेगी यूपी सरकार

किसानों को लेकर बड़ी राहत, बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई करेगी यूपी सरकार

यूपी में बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान को लेकर किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। योगी सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की नुकसान की भरपाई प्राथमिकता पर करेगी।

किसानों को लेकर बड़ी राहत, बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई करेगी यूपी सरकार
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊFri, 23 Feb 2024 10:52 PM
ऐप पर पढ़ें

यूपी में बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान को लेकर किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। योगी सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की नुकसान की भरपाई प्राथमिकता पर करेगी। जिलों से इस संबंध में आकलन कराते हुए जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने इस संबंध में शुक्रवार को सभी जिलों को निर्देश भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों कुछ जिलों में कहीं-कहीं बेमौसम भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हुई है। इससे फसलों को क्षति पहुंची है। फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को कृषि निवेश अनुदान योजना के तहत राज्य आपदा मोचक निधि से सहायता देने का फैसला किया गया है।

जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस संबंध में कैंप लगाकर सर्वे कराया जाए। इसमें जिन किसानों की फसलों का 33 प्रतिशत या उससे अधिक का नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। इसके लिए किसानों का डाटा एकत्र किया जाएगा और उसे राहत आयुक्त की वेबसाइट पर जल्द फीड किया जाएगा। इसके आधार पर किसानों को फसलों की क्षति की भरपाई की जाएगी।

चटख धूप ने बढ़ाई गेहूं, आलू और सरसों उत्पादक किसानों की चिंता

मार्च माह की दस्तक से पहले ही मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है। तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। तेज धूप व हवा के बीच गेहूं एवं सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी है। धूप से गेहूं के खेतों से नमी कम हो रही है और अमरोहा के किसानों को सिंचाई ज्यादा करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ ही पैदावार के भी प्रभावित होने का अंदेशा बना है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं, 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सरसों व 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की खेती की गई है। फरवरी माह बीतने वाला है। वहीं, मार्च से पहले ही मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। दिन में तेज धूप गर्मी का अहसास करा रही है।

फिलहाल, तेज धूप व हवा से किसानों को फसल उत्पादन में कमी आने का डर बना है। खेतों में नमी का स्तर लगातार कम होता जा रहा है। फसलों की सिंचाई अधिक करनी पड़ रही है। वहीं, जिला कृषि अधिकारी बबलू कुमार के मुताबिक मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। तेज धूप से तापमान बढ़ रहा है। अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं की फसल पर असर पड़ेगा। तेज हवा के कारण फसलों में नमी का स्तर कम हो रहा है। ऐसी परिस्थिति में गेहूं में बालियां छोटी रह जाएंगी व दाने छोटे होकर सिकुड़ सकते हैं। गेहूं में दुग्धावस्था एवं दाना बनते समय सिचाई जरूर करने पर जोर दिया। बताया कि सरसों की फसल ज्यादातर पक रही है, इसमें तेज धूप व गर्मी के चलते दाने छोटे रह जाएंगे, तेल की मात्रा भी कम रह सकती है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें