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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ा एक्शन, पेपर लीक मामले में गुजरात की कंपनी एजुटेस्ट को किया गया ब्लैक लिस्ट

यूपी पुलिस भर्ती सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पेपर लीक की जांच कर रही है एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद गुजरात की अहमदाबाद स्थित एजुटेस्ट एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ा एक्शन, पेपर लीक मामले में गुजरात की कंपनी एजुटेस्ट को किया गया ब्लैक लिस्ट
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊThu, 20 Jun 2024 04:27 PM
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UP Police recruitment exam Big action: यूपी पुलिस भर्ती सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पेपर लीक की जांच कर रही है एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद गुजरात की अहमदाबाद स्थित एजुटेस्ट एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसी एजेंसी को फरवरी में 60,200 से अधिक पुलिस सिपाही के पदों के लिए भर्ती परीक्षा को आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। पेपर लीक की जांच एसटीएफ को सौंप गई थी। एसटीएफ की जांच में एजेंसी की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद एजेंसी को ब्लैक लिस्ट  करने की कार्रवाई की गई। बतादें कि यूपी पुलिस भर्ती पेपर की छपाई अहमदाबाद की प्रिंटिंग प्रेस में हुई। इन्हें ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी टीसीआई के वेयरहाउस में भेजा जाता था, जहां से यूपी तक लाने की जिम्मेदारी इसी कंपनी की थी। रवि अत्री इसी कंपनी में काम करने वाले अभिषेक को जानता था और उसी की मदद से कंपनी में काम करने वाले शिवम गिरि और रोहित पांडे को अपने साथ मिलाया। बक्से खोलकर पेपर निकालने के लिए पटना से डॉक्टर शुभम को बुलाया गया था।

24 फरवरी को रद्द कर दी गई थी यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 17 और 18 फरवरी को कराई गई थी। परीक्षा के बाद पेपर लीक होने की खबर के बाद से परीक्षा को रद्द करने की मांग उठने लगी थी। जगह-जगह परीक्षा रद्द करने को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 फरवरी को बड़ा फैसला लेते हुए यूपी पुलिस में सिपाही के 60244 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा को  निरस्त कर दिया था। यह फैसला उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा करने के बाद किया था। 17 और 18 फरवरी को हुई इस परीक्षा में करीब 50 लाख युवाओं ने आवेदन किया था और 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।  

एसटीएफ को सौंपी गई थी परीक्षा लीक की जांच की जिम्मेदारी

परीक्षा रद्द करने के बाद सीएम योगी ने छह महीने के भीतर दोबारा परीक्षा को कराने का निर्देश जारी किया था। साथ ही पेपर लीक की जांच भी एसटीएफ को सौंपी थी। सीएम योगी ने कहा था युवाओं की मेहनत और परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी। सीएम योगी के निर्देश के बाद एसटीएफ ने यूपी ही नहीं दूसरे प्रदेशों में भी कार्रवाई शुरू की। एसटीएफ की इस कार्रवाई में परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाले कई रडार पर आए। इस मामले में अब तक एसटीएफ 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां कर चुकी है। 

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