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23 जनवरी, 2021|4:44|IST

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अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के नाम पर टिकट जारी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन (राजेंद्र एस निखलजे) और माफिया मुन्ना बजरंगी (प्रेम प्रकाश सिंह) के माई स्टैंप डाक टिकट बनाने में कानपुर के प्रधान डाकघर बड़ा चौराहा के डिप्टी पोस्टमास्टर को भी निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले फिलैटली विभाग से डाक टिकट बनाने पर डाक सहायक को निलंबित किया गया था। 

हिन्दुस्तान ने डाक विभाग की माय स्टैम्प व्यवस्था की खामियां उजागर करने के लिए ये स्टिंग किया था। जिसके बाद भारतीय डाक ने देशभर में माय स्टाम्प सेवा के तहत जांच व्यवस्था और सख्त कर दिया है। साथ ही ये भी तय कर दिया है कि अब बिना क्रास चेकिंग के किसी की डाक टिकट जारी नहीं की जाएगी। माय स्टाम्प के तहत आने वाले डाक टिकट आवेदन की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और दस्तावेजों की सघन जांच की जाएगी। बिना अप्रूवल कोई भी डाक टिकट नहीं छापी जाएगी।  इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक और कर्मचारी पर कार्यवाही की गई है। डिप्टी पोस्टमास्टर शिवकुमार यादव फिलैटली विभाग के प्रभारी थे। आरोप है कि डॉन और माफिया के नाम पर टिकट बनाने के फॉर्म की उन्होंने जांच नहीं की, जबकि ये उनकी जिम्मेदारी थी। इस वजह से प्रवर अधीक्षक डाक हिमांशु मिश्रा ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है। 

600 रुपये लगी थी फीस : 

भारतीय डाक विभाग की 'माई स्टैंप' योजना के तहत छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट छाप दिए गए। पांच रुपए वाले 12 डाक टिकट छोटा राजन और 12 मुन्ना बजरंगी के हैं। डाक विभाग को इसके लिए निर्धारित 600 रुपए फीस अदा की गई। योजना के तहत टिकट छापने से पहले न फोटो की पड़ताल की गई न किसी तरह का प्रमाणपत्र मांगा गया। ऐसे में कभी कोई अराजक तत्व देश के दुश्मनों का डाक टिकट भी छपवा सकता है। 

ये है माई स्टैंप योजना
2017 में केंद्र सरकार ने माई स्टैंप योजना शुरू की थी। इस योजना को विश्व फिलैटली प्रदर्शनी के दौरान शुरू किया गया। इसके तहत 300 रुपये शुल्क जमा करके आप अपनी या अपने परिजनों की तस्वीरों वाले 12 डाक टिकट जारी करवा सकते हैं। ये डाक टिकट अन्य डाक टिकटों की तरह मान्य होते हैं। इन डाक टिकटों को चिपका कर आप देश के किसी भी कोने में डाक भेज सकते हैं।

टिकट बनवाना कठिन पर माफियाओं के बन गए
डाक टिकट बनवाना आसान नहीं है। इन्हें बनवाने के लिए आवेदक को पासपोर्ट साइज की फोटो और पूरा ब्योरा देना पड़ता है। एक फार्म भरवाया जाता है, जिसमें पूरी जानकारी ली जाती है। डाक टिकट केवल जीवित व्यक्ति का ही बनता है, जिसके सत्यापन के लिए उसे खुद डाक विभाग आना पड़ता है। उसे अपने साथ फोटो, आधार कार्ड, ड्राइविग लाइसेंस या वोटर आइडी लेकर आना अनिवार्य है। इनकी एक-एक फोटो कापी विभाग में जमा होती है। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदक की फोटो वाला डाक टिकट जारी होता है। इतने चेक प्वाइंट्स के बावजूद एक नहीं दो-दो माफिया डॉन के डाक टिकट छपने पर पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। योजना के तहत केवल जीवित व्यक्तियों के डाक टिकट जारी हो सकते हैं, जबकि 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल गैंगवार में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी।

ऐसे बने माफियाओं के टिकट
हिन्दुस्तान संवाददाता ने आम ग्राहक की तरह औपचारिकताओं का पालन किया। मुन्ना बजरंगी (प्रेमप्रकाश सिंह) और छोटा राजन (राजेन्द्र एस. निखलजे) के नाम से फार्म भरा। इन दोनों की फोटो दीं। अपना पहचान पत्र दिया। डाककर्मी ने पूछा कि यह कौन हैं। एक परिचित हैं, यह बताने पर वह संतुष्ट हो गया। योजना को लोकप्रिय बनाने की जल्दबाजी में बिना छानबीन किए ही डाक विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ताक पर रख दिया और माफियाओं के डाक टिकट छाप दिए।  

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  • Web Title:Big action on ticket issue in the name and photo of underworld don Chhota Rajan and Munna Bajrangi in kanpur up