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3 मार्च, 2021|11:40|IST

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उन्नाव पीड़िता से मिलने पहुंचे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की पुलिस से झड़प, घंटों गंगा बैराज पर धरना

कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती उन्नाव के असोहा बबुराहा की रोशनी को देखने जा रहे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण को पुलिस ने गंगा बैराज पर रोक लिया। विरोध में भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बैराज पर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। वह बैराज स्थित लवकुश वाटिका में समर्थकों के साथ बैठ गए। कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। बवाल की आशंका के चलते सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी पश्चिम समेत करीब दस थानों का फोर्स मौजूद रहा।

रीजेंसी में भर्ती रोशनी देखने के लिए सोमवार सुबह से ही भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के आने की चर्चा थी। इसके चलते पुलिस-प्रशासन व एलआईयू सुबह ही अलर्ट हो गए थे। हॉस्पिटल के बाहर सीओ स्वरूपवगर महेंद्र सिंह देव के साथ सर्किल का फोर्स व अनवरगंज, नजीराबाद और महिला थाने की फोर्स तैनात कर दी गई थी। दोपहर तीन बजे से ही गंगा बैराज पर पुलिस ने डेरा डाल दिया था।

लखनऊ में फ्लाइट देर होने के कारण वह समय से नहीं आ सके। शाम करीब 4:30 बजे कई गाड़ियों के काफिले के बीच उन्नाव के रास्ते कानपुर आ रहे थे। गंगा बैराज पर पुलिस ने रोक लिया तो वह धरने पर बैठ गए। चंद्रशेखर का कहना था कि यदि रीजेंसी अस्पताल तक नहीं जाने दिया जाए तो पीड़िता के माता-पिता को बुलाकर यहीं मिलवा दिया जाए। हम कोई उपद्रव करने नहीं आए हैं। इस पर भी प्रशासन राजी नहीं है तो डीएम को मौके पर बुलाएं और एम्स जैसे अस्पताल में इलाज के लिए भेजने का आश्वासन दें। रात 8 बजे तक कोई हल नहीं निकला था। 

बैराज पर एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार,  सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता, सीओ कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय, सीओ नजीराबाद संतोष सिंह,  स्वरूप नगर महेंद्र यादव समेत 10 थानों की फोर्स तैनात थी। चंद्रशेखर बैराज स्थित लवकुश वाटिका में अपने समर्थकों के साथ फर्श पर बैठे हैं।

एसपी पश्चिम से झड़प
भीम आर्मी प्रमुख के आने की भनक लगने पर पुलिस ने उन्नाव से आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया था। इसके साथ ही भीम आर्मी के समर्थक भी बड़ी संख्या में भीम सेना प्रमुख के स्वागत के लिए जुटे थे। पुलिस ने जब चंद्रशेखर के काफिले को रोका तो कार्यकर्ताओं की एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार संग तीखी झड़प भी हुई। 

अपराध छिपाने की कोशिश
चंद्रशेखर ने रोशनी की एम्स में इलाज कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानपुर उनका गृह जनपद है। वह अपनी बहन रोशनी से मिलने आए हैं और उन्हें जाने ‌नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध नहीं रोक पा रही है। हर घटना को कवरअप करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का हनन बताया।

ज्ञापन देकर खत्म किया धरना
रीजेंसी हॉस्पिटल जाकर रोशनी और उसके परिजनों से मिलने की मांग को लेकर भीम आर्मी प्रमुख ने रात साढ़े आठ बजे तक धरना दिया। इसके बाद रीजेंसी अस्पताल के डॉक्टर परमजीत और रोशनी के भाई विशाल ने बैराज जाकर मुलाकात की। बताया कि रोशनी की हालत अभी ठीक नहीं है। फिर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने एसीएम पांच को ज्ञापन देते हुए धरना खत्म किया। कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ लौट गए तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

सदर विधायक ने जाना हालचाल 
रोशनी का हाल जानने के लिए सोमवार दोपहर उन्नाव से सदर भाजपा विधायक पंकज गुप्ता रीजेंसी हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने किशोरी का हालचाल जानने के साथ ही परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पंकज गुप्ता ने कहा कि सरकार उनके साथ है। जब तक रोशनी पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलेगी। वह इस पूरे केस की चश्मदीद है। उसका बयान बहुत महत्वपूर्ण है।

दूसरे दिन भी फ्रूट्स और लिक्विड लिया
बालरोग विशेषज्ञ की निगरानी में भर्ती रोशनी को डॉक्टरों ने दूसरे दिन भी फ्रूट्स और लिक्विड दिया। यह जानकारी रीजेंसी हॉस्पिटल के पीआरओ परमजीत अरोड़ा ने दी। उन्होंने बताया कि रोशनी की हालत स्थिर है। वह बाल रोग विशेषज्ञों की लगातार निगरानी में पीआईसीयू में भर्ती है। वेंटीलेटर सपोर्ट पूरी तरह से हटने के बाद भी रोशनी की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।

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  • Web Title:Bhima Army chief Chandrashekhar clashes with police arrives at Ganga barrage for hours to meet Unnao victim