DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीएड के गलत विषय तोड़ सकते हैं टीजीटी का सपना

BEd

कॉलेजों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) बनने के लिए किसी भी तरीके से केवल बीएड करने वाले छात्र-छात्राओं के कॅरियर पर नौकरी के बाद भी ब्रेक लग सकता है। यदि स्नातक में शामिल विषय बीएड के पेडागॉगी सब्जेक्ट से मेल नहीं खाते तो बीएड का कोई मोल नहीं। केवल सीट भरने को प्रदेशभर के कॉलेजों में चल रहे इस खेल से छात्रों का पूरा कॅरियर बर्बाद हो सकता है।


 स्नातक के विषय और बीएड के पेडागॉगी सब्जेक्ट में अंतर के इस खेल का खुलासा चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में हुआ है। दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे शिक्षकों के प्रकरणों की जांच से इस खेल से पर्दा उठा। विवि के अनुसार बीएड में सब्जेक्ट पेडागॉगी पढ़नी होती है। कॉलेजों में इन्हें टीचिंग मैथ्डस के नाम से भी जाना जाता है। छात्रों को बीएड के सब्जेक्ट पेडागॉगी में वही विषय पढ़ने होते हैं जो उसके पास स्नातक में रहे हों। छात्र बीएड में ऐसे दो पेडागॉगी सब्जेक्ट लेता है, लेकिन कॉलेज सीटें भरने के लिए उन छात्रों को भी प्रवेश दे रहे हैं जो उनके पास स्नातक के मुख्य विषयों से मेल नहीं खाते। विवि के मुताबिक कॉलेज छात्रों को इंटर के विषय का हवाला देकर उसका प्रवेश ले लेते हैं जो गलत है। कॉलेजों को टीचिंग मैथ्डस में वही विषय देने चाहिए जो उसने स्नातक में मुख्य विषयों के रूप में पढ़ा हो। 

 

ऐसे समझिए बीएड और यूजी का सब्जेक्ट कॉम्बीनेशन
 मेरठ। विवि के रिकॉर्ड में बीएड में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, सोशल साइंस, गणित, फिजिकल साइंस, बॉयोलॉजिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस, होम साइंस, कॉमर्स और उर्दू पेडागॉगी सब्जेक्ट हैं। जो छात्र बीएड करते हैं उनके स्नातक में भी इनमें से दो मुख्य विषय अवश्य होने चाहिए। विवि के अनुसार यदि कोई साइंस ग्रेजुएट है तो उसके पास गणित, केमेस्ट्री, फिजिक्स या फिर जूलॉजी, बॉटनी, केमेस्ट्री होते हैं। अब यदि यह स्टूडेंट बीएड करता है तो उसे पेडागॉगी सब्जेक्ट में बॉयोलॉजिकल साइंस और फिजिकल साइंस विषय मिलेंगे। इसी तरह यदि छात्र ने बीए में हिन्दी और संस्कृत लिया है तो उसे बीएड में संस्कृत एवं हिन्दी के रूप में दो पेडागॉगी सब्जेक्ट मिलेंगे। यदि उसने होम साइंस पढ़ी है तो बीएड में उसे पेडागॉगी सब्जेक्ट में होम साइंस अवश्य पढ़ना होगा। यदि कोई छात्र सोशल साइंस में टीजीटी टीचर बनना चाहता है तो उसके द्वारा स्नातक में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में से कोई दो विषय मुख्य विषय के रूप में अवश्य पढ़े हों। यदि उसने यूजी में इनमें से कोई दो विषय पढ़े हैं तो उसे बीएड में पेडॉगॉगी सब्जेक्ट के रूप में सोशल साइंस मिलेगा। 

ऐसे पकड़ा गया मामला 
मेरठ। दिल्ली में कार्यरत होम साइंस की शिक्षिका को कुछ दिन पहले शिकायत पर नौकरी से हटा दिया गया। विवि के अनुसार शिकायत की गई है उसने स्नातक में होम साइंस पढ़ा ही नहीं तो वह टीजीटी होम साइंस कैसे हो सकती है। कॉलेज ने अपनी सीट भरने के लिए छात्रा के इंटर में पढ़े होम साइंस के पेपर को आधार बनाते हुए बीएड में प्रवेश दे दिया। छात्रा ने बीएड में पेडागॉगी सब्जेट में होम साइंस को पढ़ा जबकि स्नातक में उसके पास यह विषय नहीं था। शिक्षिका विवि पहुंची तो जांच हुई। उसके पास यूजी मे होम साइंस नहीं था जबकि बीएड में यह विषय पढ़कर होम साइंस की नौकरी पा ली। विवि ने पूरे मामले में मदद से इंकार कर दिया। डायरेक्ट ऑफ एजुकेशन दिल्ली से इन दिनों विवि में ऐसे अनेक मामले पहुंच रहे हैं। यूपी बोर्ड के कॉलेजों से भी ऐसे मामले आ रहे हैं। इसमें सर्वाधिक मामले हिन्दी या संस्कृत के हैं। छात्र ने यूजी में हिन्दी या संस्कृत पढ़ा नहीं और बीएड में ये टीचिंग सब्जेक्ट लिए। टीजीटी संस्कृत या हिन्दी के लिए स्नातक में इन विषय की अनिवार्यता रही। परेशान छात्र अब विवि के चक्कर काट रहे हैं। 

यह रखें ध्यान 
मेरठ। डीन एजुकेशन प्रो. जगवीर भारद्वाज के अनुसार जिन मुख्य विषयों के साथ छात्र ने स्नातक किया है और वह बीएड करते हुए टीजीटी बनना चाहता है तो उसे वही टीचिंग मैथ्डस सब्जेक्ट चुनने चाहिए जो उसने यूजी में पढ़े हैं। प्रो.भारद्वाज के अनुसार यदि यूजी में वह मुख्य सब्जेक्ट नहीं है और उसे वह बीएड में चुनता है तो वह सही नहीं है। ऐसे में छात्र बीएड में प्रवेश लेने और फिर पेडागॉगी सब्जेक्ट को चुनने में सावधानी बरतें। यूजी के सब्जेक्ट और बीएड के पेडागॉगी सब्जेक्ट का कॉम्बीनेशन टीजीटी के लिए जरूरी है। डीन प्रो.भारद्वाज के अनुसार कॉलेज भी छात्रहित को वरीयता देते हुए छात्रों का सही मार्गदर्शन करें। कॉलेज छात्रों को बीएड में वही पेडागॉगी सब्जेक्ट ऑफर करें जो उनके स्नातक के मुख्य विषयों के आधार पर बनते हों। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:BEd should follow Teaching pedagogy to get TGT job