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बेसिक शिक्षा विभाग की अजब-गजब कार्यप्रणाली, दस दिन में डिजिटल हाजिरी; सवा साल में नहीं हो पाया समायोजन  

बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी अजब-गजब है। शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी का आदेश 10 दिन में लागू हो गया, लेकिन जिले के अंदर तबादले और समायोजन का आदेश सवा साल बाद भी नहीं हो सका है।

बेसिक शिक्षा विभाग की अजब-गजब कार्यप्रणाली, दस दिन में डिजिटल हाजिरी; सवा साल में नहीं हो पाया समायोजन  
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता ,प्रयागराजWed, 29 Nov 2023 06:34 AM
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Primary Teachers Transfer: बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी अजब-गजब है। टैबलेट से शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी तो मात्र दस दिन में लागू हो गई, लेकिन जिले के अंदर तबादले और समायोजन का आदेश सवा साल बाद भी नहीं हो सका है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने दस नवंबर को डिजिटल हाजिरी का आदेश जारी किया था। 20 नवंबर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बाराबंकी, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव व श्रावस्ती में डिजिटल उपस्थिति पंजिका पर हाजिरी लगने लगी। एक दिसंबर से यह व्यवस्था पूरे प्रदेश के 1.50 लाख से अधिक स्कूलों में लागू हो जाएगी। डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था लागू होने के बाद पांच मिनट की देरी पर भी जवाबदेही तय होगी। इस बीच परिषदीय स्कूल के शिक्षकों का जिले के अंदर सवा साल बाद भी स्थानान्तरण और समायोजन न होने से नाराजगी बढ़ने लगी है। पिछले साल 27 जुलाई 2022 को जब स्थानान्तरण और समायोजन के लिए शासनादेश जारी हुआ था तो शिक्षकों को उम्मीद जगी कि रोजाना 70-80 किलोमीटर दूरी के चक्कर लगाने से थोड़ी राहत मिलेगी।

शासनादेश के अनुसार जिलों में सरप्लस शिक्षकों को चिह्नित करते हुए आरटीई के अनुसार आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजना था। इसके लिए दस दिन में पोर्टल खुलना था, लेकिन बार-बार शासनादेश में परिवर्तन और शिक्षकों के डेटा संशोधन के नाम पर प्रक्रिया सवा साल से लटकी हुई है। जबकि अध्यापक तैनाती नियमावली के अनुसार जिले के अंदर पिछड़े ब्लॉक में तैनाती के पांच वर्ष पूरा करने वाले पुरुष व दो वर्ष पूरे करने वाली शिक्षिकाओं का तबादला होना चाहिए।

अनुभूति पाठ्यक्रम को कार्यशाला शुरू
परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए अनुभूति पाठ्यक्रम और शिक्षकों के लिए हैंडबुक बनाने को मनोविज्ञानशाला में मंगलवार को कार्यशाला शुरू हुई। संस्थान की निदेशक ऊषा चंद्रा ने कहा कि इस कोर्स से विद्यार्थियों में विभिन्न जीवन मूल्यों का विकास होगा। पाठ्यक्रम निर्माण में 30 विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। इविवि के शिक्षाशास्त्रत्त् विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. करुणा शंकर मिश्रा, एडीसी के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. जगदीश्वर द्विवेदी आदि शामिल हैं।

‘हाजिरी डिजिटल, रास्ते क्रिटिकल’ टैग से अभियान
डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था लागू होने के बाद से परिषदीय शिक्षकों में बेचैनी है। फेसबुक पर उपस्थिति हो जाएगी डिजिटल, रास्ते वही क्रिटिकल नाम से अभियान चलाकर रास्तों की दुश्वारियां साझा कर रहे हैं।

क्‍या बोले शिक्षक
गणित/ विज्ञान के शिक्षक अनिल राजभर ने कहा कि जिले के अंदर शिक्षकों के 2017 से लंबित ओपन ट्रांसफर को जल्द शुरू करना चाहिए। ऑनलाइन हाजिरी के पूर्व सरकार को शिक्षकों के गृह ब्लॉक या उसके आसपास तैनाती देनी चाहिए। नियमावली के अनुसार पति-पत्नी यानी दंपति शिक्षक को एक ब्लॉक में तैनात करना चाहिए।