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बार काउंसिल अध्यक्ष हत्या: बेटी होकर भी दरवेश यादव ने कमाया बेटे से बड़ा नाम

uttar pradesh bar council president darvesh singh

बेटी बनकर भी दरवेश यादव ने परिवार के साथ जिले का नाम रोशन किया। वकालत के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर वह कर दिखाया जो कोई बेटा क्या करता। बेटी की हत्या की खबर सुन बूढ़ी मां सिर्फ बेटी को बेटा-बेटा पुकार सिसक रही है। उसके मुंह से सिर्फ यही निकल रहा है कि अरे कोई मेरे बेटा से मुझे मिलवा दो। घर में मातम छाया हुआ है।

थाना मलावन क्षेत्र के गांव चांदपुर की दरवेश यादव मूल निवासी थी। साधारण किसान परिवार में जन्मी दरवेश तीन बहनें तथा एक भाई थे। दरवेश की बड़ी बहन मंजूदेवी उर्फ सिलादेवी भी पुलिस में कांस्टेबल थी। 2013 में ह्दयगति रुकने से मौत हो गई थी। बहन की मौत के बाद उसकी बेटी को दरवेश ने अपने पास ही रख लिया था। वह अपने व्यवसाय में तरक्की करती चली गई। आगरा में वकालत की पढ़ाई करने के बाद प्रैक्टिस शुरू की तो वहां पर पूरा मौका मिला। 2004 में वकालात में कदम रखे।

यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या

2012 में वह यूपी बार काउंसिल के सदस्य का चुनाव लड़ीं और वह जीत गईं। यहीं से अधिवक्ता की राजनीति में उनके सितारे उनके बुंदल हो गए। 2015 में फिर से वह बार काउंसिल में उपाध्यक्ष के पद पर चुनाव लड़ी और जीत गई। उनकी जीत से पूरे परिवार और जिले का सिर ऊंचा था। एटा में भी कई बार उनका स्वागत हुआ। एटा के अधिवक्ता काफी हिम्मत रखते थे कि अगर कोई काम होगा तो वह एटा के हित में अच्छा ही करेंगी। दरवेश बहनों में सबसे छोटी बहन थी। इनके बड़ी बहन संतोषदेवी की शादी शांति नगर में सुघर सिंह के साथ हुई है। सुघर सिंह प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। दरवेश के भाई पंजाबी सिंह गांव में रहकर खेती देखते हैं। पंजाबी सिंह के पांच बेटे हैं। एक बेटा सनी यादव दरवेश के साथ आगरा में रहता है। बाकी के सभी लोग एटा के मोहल्ला शिवपुरी में रहते हैं। 

एक माह पहले दरवेश आईं थी मां से मिलने 

एटा। बार काउंसिल के चुनाव के समय दरवेश मां से मिलने के लिए एटा आईं थी। मां की सबसे दुलारी बेटी थी। एक माह के अंदर ही एटा उनका चक्कर लग जाता था। अलीगंज में हुए बार के चुनाव के बाद हुई शपथ ग्रहण समारोह में भी दरवेश ने भाग लिया था। करीब 90 वर्षीय मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को जब यह पता चला कि बेटी की हत्या हो गई है तो रोते-रोते बेहोश हो जाती है। जो भी कोई आदमी पहुंचता है उसी से बेटी के बारे में पूछ रही है, लेकिन हर कोई उनसे यहीं कर रहा है कि वह ठीक है गोली लगने से घायल हो गईं हैं, उनका इलाज चल रहा है। 

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  • Web Title:Bar Council president murder case darvesh yadav being a Daughter made her parents proud more than a son