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Hindi News उत्तर प्रदेशBallia Results 2024: बलिया सीट भी भाजपा के हाथ से निकली, पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर हारे, सपा के सनातन जीते

Ballia Results 2024: बलिया सीट भी भाजपा के हाथ से निकली, पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर हारे, सपा के सनातन जीते

Ballia Results 2024 LIVE: बलिया लोकसभा सीट भी भाजपा के हाथ से निकल गई है। यहां से उतरे राज्यसभा सांसद और पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखऱ हार गए हैं। सपा के सनातन पांडेय ने उन्हें हरा दिया है।

Ballia Results 2024: बलिया सीट भी भाजपा के हाथ से निकली, पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर हारे, सपा के सनातन जीते
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,बलियाTue, 04 Jun 2024 10:38 PM
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Ballia Results 2024: बलिया लोकसभा सीट भी भाजपा हार गई है। भाजपा प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय से हरा दिया है। सपा के सनातन पांडेय ने 43384 वोटों से भाजपा के नीरज शेखर को हराया। सनातन पांडेय को 467068 वोट मिले। नीरज शेखर को 423684 वोट मिले। बसपा का लल्लन सिंह यादव ने 85205 वोट हासिल किए। भाजपा को अपनी हार की आशंका चुनाव से ठीक पहले हो गई थी। इसीलिए वोटिंग से तीन दिन पहले ही भाजपा ने यहां पर बड़ां दाव खेला था। सपा के कद्दावर नेताओं नारद राय और राम इकबाल सिंह को अपने पाले में कर लिया था। इसके बाद भी नीरज शेखर नहीं जीत सके।

बलिया सीट पर लगातार दो चुनावों से भाजपा जीत रही थी। 2014 से पहले पार्टी केवल 1998 और 1999 के लोकसभा चुनाव में उप विजेता बनी थी। बलिया में पहली बार मोदी लहर में 2014 के लोकसभा चुनाव में सफलता मिली। 2014 में भाजपा के भरत सिंह यहां से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। 2019 में भाजपा ने भरत सिंह की जगह वीरेंद्र सिंह मस्त उतारा। वह भी जीत कर सांसद बने। नीरज शेखर इससे पहले दो बार सपा से बलिया से सांसद बन चुके हैं। सपा ने उनके हारने पर राज्यसभा भी भेजा था। इसके बाद वह भाजपा में चले गए। फिलहाल भाजपा से ही राज्यसभा सांसद हैं।

बलिया में सबसे पहले 1952 सोशलिस्ट पार्टी के राम नगीना सिंह सांसद बने। इसके बाद कांग्रेस ने यहां लगातार तीन बार चुनाव जीते। 1957 मे कांग्रेस के राधा मोहन सिंह को जीत मिली। 1962 में मुरली मनोहर, 1967 और 1971 में चंद्रिका प्रसाद को जीते। 1977 में इंदिरा गांधी के खिलाफ चली लहर में चन्द्रशेखर जनता पार्टी से चुने गए। 1980 में वह दोबारा सांसद बने।

1984 में कांग्रेस ने वापसी की और जगन्नाथ चौधरी ने चंद्रशेखऱ को हराकर सांसद बने। 1989 में फिर से चन्द्रशेखर जनता दल से जीते और वीपी सिंह के बाद प्रधानमंत्री भी बने। 1991 में चंद्रशेखऱ ने समाजवादी जनता पार्टी बनाई और इसी से सांसद बने। इसके बाद 1996, 1998, 1999, 2004 में भी सांसद चुने गए। चंद्रशेखर के निधन पर 2008 में हुए उपचुनाव और 2009 के आम चुनाव में नीरज शेखर ने जीत हासिल की।