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यूपी के इस जिले में अब गरजा बाबा का बुलडोजर, 236 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त

यूपी के अलीगढ़ में बाबा का बुलडोजर गरजा है। प्रशासन ने यहां पर  236 करोड़ की जमीन कब्जा मुक्त कराई है। यीडा ने टप्पल में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाया है। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक कार्रवाई हुई।

यूपी के इस जिले में अब गरजा बाबा का बुलडोजर, 236 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,अलीगढ़Tue, 05 Dec 2023 10:10 PM
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अलीगढ़ में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व अलीगढ़ प्रशासन की टीम ने मंगलवार को टप्पल क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाया। करीब सात घंटे तक चली निरंतर कार्यवाही के बाद 236 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त कराने का दावा किया गया है। यीडा ने जेवर एयरपोर्ट से सटी 1.17 लाख वर्गमीटर सरकारी जमीन पर से कब्जा हटवाया है।

नगर पंचायत का दर्जा हटने के बाद यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बिना अनुमति के टप्पल में विकसित हो रही कॉलोनियों को ढहाने की दूसरी बड़ी कार्यवाई मंगलवार को की गई। बीते बुधवार को प्राधिकरण की टीम आधा दर्जन जेसीबी लेकर थाने पहुंची थी लेकिन थाने पर पुलिस बल न होने व किसानों की अधिकता के कारण यीडा की टीम को वापिस लौटना पड़ा था लेकिन मंगलवार को प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार की अगुवाई में टीम दर्जनों जेसीबी, पुलिस व पीएससी बल के साथ टप्पल थाने पहुंची। सूचना दिए जाने पर एसडीएम खैर भी पहुंच गए।

टीम टप्पल के गांव लालपुर पहुंची। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में सभी कॉलोनियां प्राधिकरण की कीमती जमीनों पर कब्जा कर विकसित की जा रही हैं। टीम ने लालपुर मार्ग पर स्थित आनंद बिहार, मेट्रो सिटी, सिंघवाल, एक्वा ग्रीन, आशियाना आदि विकसित कॉलोनियों पर बने भवनों, चारदीवारी व रास्तो को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई कार्यवाही शाम करीब पांच बजे तक जारी रही। इस दौरान एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजीव द्विवेदी, राजस्व टीम के अलावा कई थानों के पुलिस फोर्स व पीएससी बल मौजूद रहा।

किसानों ने किया विरोध
सूचना पाकर कुछ किसान व किसान नेता थाने पहुंच गए और प्राधिकरण की कार्यवाई का विरोध करने लगे। किसानों का कहना था कि पहले प्राधिकरण हमें 64.4 प्रतिशत मुआवजा, 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड का मुआवजा, आबादी का सीमांकन तथा मुआवजे की दर निर्धारित कर कार्यवाई करें। यीडा के ओएसडी शैलेन्द्र सिंह ने किसानों को समझाते हुए कहा कि जो भी आपकी मांगे हैं वह जायज हैं व हमारी प्रक्रिया में शामिल है जिस पर हम लगातार कार्य कर रहे हैं। 

नगर पंचायत का दर्जा समाप्त होते ही यीडा में शामिल हुआ क्षेत्र
दरअसल जैसे ही प्रदेश सरकार ने टप्पल को नगर पंचायत का दर्जा दिया था। तो क्षेत्र में बिल्डरों की बाढ़ सी आ गई थी। जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने से यहां कॉलोनियां काटे जाने का काम दिल्ली-एनसीआर तक के बिल्डरों ने शुरू कर दिया था। 20 दिसंबर 2020 को टप्पल को नगर पंचायत का दर्जा मिला था और 25 नवंबर 2022 को राज्य सरकार ने नगर पंचायत का दर्जा वापस लेकर टप्पल को यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण में शामिल कर दिया था। 

पहले भी बुलडोजर चलवा चुका है यीडा
टप्पल से नगर पंचायत का दर्जा समाप्त होने के बाद प्राधिकरण 230 करोड़ रुपये की जमीन नूरपुर मार्ग से मेवा नगला मार्ग, टप्पल से नूरपुर मार्ग, अलीगढ़-पलवल मार्ग से स्यारौल मार्ग व अर्पण ग्रीन स्टेट कॉलोनियों को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा चुका है लेकिन प्राधिकरण की कार्यवाई के बाद भी कुछ कॉलोनाइजर कस्बा में आसमान छू रहे जमीन के भावों ने कुछ दिल्ली, हरियाणा, नोएडा के कॉलोनाइजर इन्हीं जगह के खरीददारों को बड़े बड़े सपने दिखा व गुमराह कर गलत तरीक़े से प्लॉटिंग कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

बिल्डरों के झांसे में आकर न बर्बाद करें जमापूंजी
प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार टप्पल कस्बा में प्राधिकरण की अनुमति के बगैर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों, निर्माणाधीन भुवनों, चारदीवारी एवं रास्तो को जेसीबी की मदद से ध्वस्त करा दिया है। यहां बिल्डर 20 हजार रुपये वर्गगज के हिसाब से जमीन को बेचते थे। हम ऐसे सभी खरीददारो को बताना चाहते हैं कि कॉलोनियां बगैर अनुमति के विकसित की जा रही हैं। ऐसी कॉलोनियों पर बार बार प्राधिकरण की कार्यवाई होती रहेगी। यहाँ पर लोग इनके झांसे में आकर प्लॉट की खरीददारी न करें। 

पहले हुई कार्यवाही में दर्ज हुए थे 52 मुकदमे
पूर्व में यीडा द्वारा की गई कार्यवाही के दौरान टप्पल थाने में 52 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। यह सभी जमीनों को घेरकर अवैध निर्माण करने के मामले से जुड़े हुए हैं। जेवर एयरपोर्ट बनने के कारण इस इलाके में बिल्डर अवैध कॉलोनी बसा रहे हैं।

यीडा के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार किसानों का कोई विरोध नहीं था। जो भी यीडा की जमीन को घेरकर अवैध निर्माण किया गया था, उसको ध्वस्त कराया गया है। करीब 236 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त कराई गई है।

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