Ayodhya verdict today: all Mobile Internet services suspended in Aligarh district uttar pradesh - अयोध्या पर फैसला आज: अलीगढ़ जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद DA Image
23 नवंबर, 2019|1:33|IST

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अयोध्या पर फैसला आज: अलीगढ़ जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद

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1 / 2मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी ज्यादा से ज्यादा चेकिंग करें। फुट पेट्रोलिंग कर चेकिंग की जाए ताकि लोगों में भरोसा पैदा हो। पुलिस अधिकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों, धर्मगुरुओं, सामाजिक व्यक्तियों से संपर्क करें। उन्हें भरोसे में लें और अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। (ANI Photo)

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अयोध्या पर फैसले को ध्यान में रखते हुए अलीगढ़ जिला प्रशासन ने जिले भर में एक दिन (8 नवंबर की रात 12am से 9 नवंबर की रात 12am तक) मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट आज यानि 9 नवंबर 2019 को दशकों पुराने अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, वहीं राज्यभर में पहले ही धारा 144 कर दी गई। पूरे राज्य में किसी भी स्थान पर 4 लोगों से अधिक के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है।

यहां राज्य सरकार ने पहले से ही 9 नवंबर से 11 नंवबर तक राज्य में सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल कॉलेज व ट्रेनिंग संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए हैं। 

इस मौके उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों ने स्कूल और सरकारी संस्थान बंद रखने का ऐलान किया है। कर्नाटक सरकार ने अयोध्या फैसले के दिन शनिवार को राज्य स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

 

मध्यप्रदेश में भोपाल के जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूल कॉलेज शनिवार को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अलर्ट रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। आज ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और डीजीपी ओपी सिंह अन्य सीनियर अधिकारियों के बीच बैठक हुई। 

भारत के सबसे संवेदनशील, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों में से एक राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी। ये फैसला मुख्य न्यायाधीश गोगोई द्वारा उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से राज्य में कानून-व्यवस्था की तैयारियों को पूरा करने के घंटों बाद किया गया। गोगोई के अलावा इस संविधानिक पीठ में एसए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नाज़ेर जैसे न्यायाधीश शामिल हैं। 

1885 में पहली बार न्यायालय पहुंचा विवाद
गौरतलब है कि अयोध्या विवाद में पहली बार हिंसा 1853 में हुई और कुछ सालों में ही मामला गहरा गया। 1885 में विवाद पहली बार जिला न्यायालय पहुंचा। निर्मोही अखाड़े के महंत रघुबर दास ने फैजाबाद कोर्ट में मस्जिद परिसर में मंदिर बनवाने की अपील की पर कोर्ट ने मांग खारिज कर दी। इसके बाद सालों तक यह मामला चलता रहा है। 1934 फिर दंगे हुए और मस्जिद की दीवार और गुंबदों को नुकसान पहुंचा।  

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