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राममंदिर: रामलला के विग्रह चयन पर निर्णय सुरक्षित, संतों की औपचारिक मुहर लगना बाकी

श्रीरामजन्म भूमि में निर्माणाधीन दिव्य मंदिर में विराजित होने वाले रामलला के विग्रह चयन पर बोर्ड आफ टस्ट्रीज का निर्णय सुरक्षित कर लिया गया है। इस संतों की औपचारिक मुहर लगनी बाकी है।

राममंदिर: रामलला के विग्रह चयन पर निर्णय सुरक्षित, संतों की औपचारिक मुहर लगना बाकी
Ajay Singhकमलाकान्त सुन्दरम,अयोध्याSun, 10 Dec 2023 06:18 AM
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Ayodhya Ram temple: अयोध्‍या स्थित श्रीरामजन्म भूमि में निर्माणाधीन दिव्य मंदिर में विराजित होने वाले रामलला के नवीन विग्रह पर बोर्ड आफ टस्ट्रीज का निर्णय सुरक्षित कर लिया गया है। इस संतों की औपचारिक मुहर लगनी बाकी है।

इसके पहले शनिवार की शाम भवन निर्माण समिति के पहले दिन की बैठक पूरी कर समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र रामसेवकपुरम पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माणाधीन तीनों विग्रहों का श्रद्धापूर्वक अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने देश के तीनों मूर्धन्य मूर्तिकारों से अलग-अलग वार्ता भी की। इन तीनों मूर्तिकारों की ओर से रामलला के विग्रह का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। रामलला के विग्रह अवलोकन के बाद मीडिया ने समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने बात करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया।

उधर, रामसेवकपुरम के अहाते में कर्नाटक से लाई गयी कृष्ण शिला से रामलला का विग्रह तैयार करने वाले मूर्तिकार प्रो. गणेश भट्ट ने 'हिन्‍दुस्‍तान' को बताया कि विग्रह का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि यह एक प्रकार की तपस्या थी। भगवान के विग्रह का ध्यान कर उनकी शारीरिक संरचना में एक-एक अंगों को सुंदरतम ढंग से गढ़ने का प्रयास हुआ है। हाथ-पैर के त्वचा की स्निग्धता व कोमलता के साथ मुखमंडल पर निर्दोष भाव और राजसी ओज सबको परिकल्पना के अनुसार साकार स्वरूप देने की कोशिश पूरी तन्मयता से की गयी है।

भूतल के 70 खंभों में आइकोनोग्राफी से मूर्तियों के उत्कीर्ण करने का काम पूरा 
भवन निर्माण समिति की बैठक के पहले परिसर की परियोजनाओं के अलावा राम मंदिर का अवलोकन समिति चेयरमैन मिश्र ने कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों के साथ किया। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा. अनिल मिश्र ने बताया कि भूतल का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि कालमों (स्तम्भों) में मूर्तियों के उत्कीर्ण करने का काम पूरा हो गया है। इसके अलावा फर्श पर इन-ले वर्क का काम गूढ़ी मंडप के निचले हिस्से में ही अवशेष हैं, शेष कार्य हो चुका है।

उन्होंने बताया कि फर्श की घिसाई और पालिशिंग से पहले कालमों की रगड़ाई व धुलाई की जाएगी। इसके बाद फर्श की पालिशिंग के समानांतर लाइटिंग के अवशेष प्वाइंट्स पूरे किए जाएंगे। उधर सीढ़ियों पर मार्बल लगाने का काम हो गया है। इन सीढ़ियों के दोनों तरफ लगने वाली प्रतिमाओं का निर्माण हो चुका है। उन्हें स्थापित करने का काम जल्द होगा।

परकोटे और मंदिर के बीच ग्रेनाइट लगाने का काम भी शुरू
तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा. अनिल ने बताया कि परकोटे के प्रवेश द्वार व उसके मंडप के साथ भुजाओं का निर्माण कार्य पूरी गति से चल रहा है। वहीं परकोटे व मंदिर के बीच 27 मीटर की दूरी में पाथ-वे का भी निर्माण हो रहा है जिस पर ग्रेनाइट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त मंदिर से पीएफसी और दर्शनार्थियों की ओर से प्रयोग किए जाने वाले सभी मार्गो का निर्माण भी शुरू हो गया है। 

उन्होंने बताया कि दर्शन मार्ग के मध्य लैंड स्केपिंग का काम जीएमआर की ओर शुरू कर दिया गया है। बताया गया कि रविवार को परिसर के बाहर निर्माणाधीन कार्यों का पहले निरीक्षण होगा। इस बैठक में समिति चेयरमैन के अलावा मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव, न्यासी व अयोध्या नरेश विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र, सीबीआरआई के पूर्व निदेशक एके मित्तल व एलएण्डटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता सहित अन्य मौजूद रहे।