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Hindi News उत्तर प्रदेशअयोध्या में अब पुराने मंदिर नहीं तोड़े जाएंगे, फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी निरस्त, हार से सीख या कुछ और?

अयोध्या में अब पुराने मंदिर नहीं तोड़े जाएंगे, फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी निरस्त, हार से सीख या कुछ और?

लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा को मिली हार के बाद से यहां के जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक कई फैसले हो रहे हैं। अब पुराने मंदिरों को नहीं तोड़ने और फ्लाईओवर का प्रस्ताव रद कर दिया गया है।

अयोध्या में अब पुराने मंदिर नहीं तोड़े जाएंगे, फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी निरस्त, हार से सीख या कुछ और?
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,लखनऊWed, 12 Jun 2024 08:58 PM
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लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा को मिली हार के बाद से यहां के जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक कई फैसले हो रहे हैं। एक दिन पहले ही डीएम ने यहां हुई तोड़फोड़ को लेकर श्वेत पत्र जारी किया था। अब उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने अयोध्या में 264.26 करोड़ रुपये से प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण का प्रस्ताव निरस्त कर दिया है। यह फ्लाईओवर अयोध्या-गोरखपुर मार्ग पर बनाया जाना था। बुधवार को अपर मुख्य सचिव (आवास) नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। इसकी जगह अंडरपास बनाया जाएगा। इसके साथ ही आवास विकास की अयोध्या की नई आवासीय योजनाओं में आने वाले मंदिरों को भी नहीं तोड़ा जाएगा। इनको उसी जगह समायोजित किया जाएगा। 

गौरतलब है कि अयोध्या में भाजपा की हार के लिए यहां के स्थानीय लोगों का सरकार के खिलाफ आक्रोश को कारण माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि यहां बड़े पैमाने पर हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई इसके लिए जिम्मेदार है। आज के फैसले को इसी के नजरिए से देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 31 मई 2023 की बोर्ड बैठक में गोरखपुर-अयोध्या मार्ग पर करीब छह किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया था। एनएचएआई ने निर्माण का प्रस्ताव आवास विकास को उपलब्ध करा दिया था। परिषद ने इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान कर दी थी। एनएचएआई ने निर्माण के लिए आवास विकास से 264.26 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन अब अचानक प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। अपर आवास आयुक्त व सचिव डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया कि फ्लाईओवर बनने से आवास विकास का काम नहीं हो पाएगा। इसकी जगह अंडरपास बनाया जाएगा। 

अयोध्या-गोरखपुर हाईवे के नीचे बनाए जाएंगे तीन अंडरपास 
बोर्ड बैठक में तय किया गया कि अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर अब तीन नए अंडरपास बनाए जाएंगे। हाईवे को क्रॉस करने के लिए इसके नीचे 36 मीटर व 45 मीटर चौड़ाई वाली सड़क के लिए 50 मीटर चौड़ा अंडरपास बनाया जाएगा। इसकी ऊंचाई 5.50 मीटर होगी। इस तरह के दो अंडरपास बनेंगे। 18 मीटर चौड़ी एक अन्य सड़क को क्रॉस करने के लिए 20 मीटर चौड़ा तथा 4 मीटर ऊंचा एक और अंडरपास बनाया जाएगा। 

विशेष जरूरत पर विस्थापित होगा मंदिर
आवास विकास परिषद अयोध्या में शाहनवाजपुर माझा, शाहनवाजपुर उपहार, कुढ़ा केशवपुर माझा तथा कुढ़ा केशवपुर उपहार गांव की कुल 176.5941 हेक्टेयर भूमि ले रहा है। इस योजना में कई पुराने मंदिर भी आ रहे हैं। बोर्ड बैठक में तय किया गया की धारा 28 के पहले जो भी मंदिर यहां बने थे, उन्हें मौके पर समायोजित किया जाएगा। इन्हें इस प्रकार समायोजित किया जाएगा ताकि स्वीकृत सड़कों के लेआउट तथा सर्विसेज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। इसके बावजूद अगर कहीं सड़क अथवा आवश्यक सर्विसेज के एलाइनमेंट में कोई मंदिर आता है तो उसे विहित प्रक्रिया के तहत विस्थापित किया जाएगा।

सघन आबादी और कॉम्पैक्ट एरिया योजना से बाहर
आवास विकास ने अपनी अयोध्या योजना के उन क्षेत्रों को छोड़ दिया है जो सघन आबादी के रूप में दर्ज हैं। योजना में ऐसी छह सघन आबादी चिह्नित की गई हैं। तीन कॉम्पैक्ट एरिया भी चिह्नित किए गए हैं, जो नियोजित सड़क तथा सर्विसेज के रास्ते में आएंगे। उन्हें लोक निर्माण विभाग के वर्तमान सर्किल रेट व सूची के आधार पर मूल्यांकित करते हुए निर्माण का मूल्य अलग से भुगतान किया जाएगा। जो पुरानी बाउंड्री वॉल आदि विकास के रास्ते में आएंगी, उन्हें भी तोड़ा जाएगा। इन्हें असुधार शुल्क लेते हुए समायोजित किया जाएगा। आवास विकास ने मामले में लोगों से आपत्तियां मांगी थीं। कुल 695 आपत्तियां आई थीं। सुनवाई के बाद इन सभी को निस्तारित कर दिया गया है। इनमें से केवल 6 सघन आबादी तथा 4 कॉम्पैक्ट एरिया की 4.35343 हेक्टेयर जमीन को ही अर्जन मुक्त करने का फैसला लिया गया।

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