Ayodhya : Muslims did not take out juloos-e-mohammadi after Ayodhya verdict - अयोध्या: फैसले के बाद मुस्लिमों ने नहीं निकाला जुलूस-ए-मोहम्मदी DA Image
21 नवंबर, 2019|7:44|IST

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अयोध्या: फैसले के बाद मुस्लिमों ने नहीं निकाला जुलूस-ए-मोहम्मदी

ayodhya railway station  file pic

अयोध्या विवाद का सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनजर इस वर्ष अयोध्या शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकाला गया। यह ऐतिहासिक जुलूस मरकजी अंजुमन तबलीग अहले सुन्नत टाटशाह मस्जिद कोठापार्चा के तत्वावधान में  सैकड़ों वर्षों से निकाला जाता रहा है। जुलूस न निकाले जाने का फैसला शनिवार की देर रात टाटशाह मस्जिद में चली मैराथन बैठक में शहर की अंजुमनों ने सर्वसम्मति से लिया।

सुप्रीम फैसले के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जलसे व जुलूस-ए-मोहम्मदी पर पूरा प्रभाव दिखा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शहर के मुसलमानों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकाले जाने का फैसला किया। बताया गया कि जुलूस न निकाले जाने के पीछे जुलूस में उमड़ने वाली हजारों की भीड़ से शहर के अमन में कोई परेशानी न खड़ी हो, इसलिए पहले लंगरे रसूल का आयोजन स्थगित किया गया, उसके बाद शनिवार की देर रात जुलूस न निकालने का फैसला लिया गया।

जामा मस्जिद टाटशाह में ही जलसे की अदा की गयी रस्म
मरकजी अंजुमन तबलीग अहलेसुन्नत जामा मस्जिद टाटशाह के सदर व मस्जिद इमाम मौलाना शमशुल कमर अलीमी की अध्यक्षता में टाटशाह मस्जिद में ही चौक के बजाये जश्ने ईद मीलादुन्नबी के जलसे की रस्म अदा की गयी। बताया गया कि इसी जलसे में यह निर्णय लिया गया कि रविवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकलेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि सभी मस्जिदों में नजर नियाज कराने का निर्णय लिया गया। जलसे में मौलाना फैसल, मास्टर सिराजुल हक, मो. अहमद बरकाती, अलीमुद्दीन, शहाब, हाजी खुर्शीद, मो. अकबर मौजूद रहे। वहीं, शनिवार की देर शाम शहर में जश्ने ईद मीलादुन्नबी के उपलक्ष्य में चौक, रिकाबगंज सहित अन्य मुस्लिम मोहल्लों में की गयी बिजली की सजावट भी उतार दी गयी। लाइट गेट हटा लिये गये और विभिन्न स्थानों पर होने वाले लंगरे रसूल भी स्थगित कर दिया गया।

जुलूस निकलवाने के लिए प्रशासन का प्रयास रहा असफल
दूसरी ओर जिला प्रशासन देर शाम तक मुस्लिमों को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले जाने के लिए प्रेरित करता रहा। जुलूस निकाले जाने को लेकर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी लगातार अंजुमन के पदाधिकारियों से सम्पर्क बनाये रहे। लेकिन हालात का हवाला देते हुए जुलूस निकालने पर मुस्लिम तैयार नहीं हुए। रविवार को शहर में अधिकतर मुस्लिमों की दुकानें बंद रहीं। चौक सब्जी मण्डी में भी मुस्लिमों ने अपनी दुकाने नहीं लगायीं। 

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