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उत्तर प्रदेश11 सेटों में दाखिल की गई अयोध्या-धन्नीपुर मस्जिद परियोजना की ड्राइंग, शासन से अब अनुमति का इंतजार 

अयोध्या। हिन्दुस्तान टीमPublished By: Dinesh Rathour
Mon, 24 May 2021 11:21 PM
11 सेटों में दाखिल की गई अयोध्या-धन्नीपुर मस्जिद परियोजना की ड्राइंग, शासन से अब अनुमति का इंतजार 

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने सोहावल तहसील  के धन्नीपुर में आवंटित पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के नक्शे की ड्राइंग सोमवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा करा दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत धन्नीपुर में प्रदेश सरकार ने भूमि का आवंटन किया था। इस भूमि पर एक मस्जिद व अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इसी से सम्बन्धित नक्शा दाखिल किया गया। एडीए के उपाध्यक्ष व नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि विशेष प्रकार के नक्शे के कारण ऑनलाइन सबमिट नहीं हो सकता था। उन्होंने बताया कि नक्शे को मैनुवली स्वीकृति करने की अनुमति शासन से मांगी गयी है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन की ओर से नक्शे के साथ अनुरोध पत्र दिया गया था। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पत्र सोमवार को ही प्रेषित भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शासन की अनुमति मिलने के बाद नक्शे को स्वीकृत करने के लिए निर्धारित शुल्कों की गणना की जाएगी। 

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की 
उधर ट्रस्टी कैप्टन अफजाल अहमद खान ने बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की गयी। इस बैठक में  अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट की प्रस्तावित परियोजना के बारे में चर्चा की गयी। उन्होंने जानकारी दी कि इस परियोजना में  तीन सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल व एक सामुदायिक रसोई जिसमें लगभग एक हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था हो, प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा एक अनुसंधान केंद्र जो   स्वतंत्रता सेनानी शहीद मौलवी अहमदुल्ला शाह के नाम समर्पित होगा और एक मस्जिद होगी जिसमें एक बार में दो हजार नमाजी समायोजित होकर शामिल सकते हैं। 

80 जी का टैक्स छूट प्रमाणपत्र जारी न करने पर चिंता जताई
ट्रस्टी अफजाल ने बताया कि ग्यारह सेटों में नक्शे अयोध्या विकास प्राधिकरण में दाखिल कर दिए गए हैं। मानचित्र की स्वीकृति के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 89 हजार रुपये भी जमा करा दिए गये हैं। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना का नक्शा आकार में बड़ा है और सामान्य मानचित्रों से बहुत अलग है। इसके चलते ऑनलाइन सबमिट नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष से मानचित्र को ऑफलाइन स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है। ट्रस्टी  अफजाल ने आयकर विभाग द्वारा इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन को 80 जी का टैक्स छूट प्रमाणपत्र जारी न करने पर चिंता व्यक्त की।  उन्होंने कहा कि इससे ट्रस्ट को प्राप्त होने वाला दान रुका हुआ है। यह हमारी परियोजना को शुरू करने में बाधा बन रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। 

 

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