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कालिया बोला-मुझे झूठा फंसाया गया, जमानत अर्जी खारिज; अतीक-अशरफ हत्‍याकांड की सुनवाई फिर टली 

माफिया अतीक अहमद के गुर्गे और 50 हज़ार के इनामी अपराधी असाद कालिया की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। असाद कालिया के खिलाफ एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज है।

कालिया बोला-मुझे झूठा फंसाया गया, जमानत अर्जी खारिज; अतीक-अशरफ हत्‍याकांड की सुनवाई फिर टली 
Ajay Singhविधि संवाददाता,प्रयागराजSat, 18 Nov 2023 05:58 AM
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Atiq Gang: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के गुर्गे और 50 हज़ार के इनामी अपराधी असाद कालिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजवीर सिंह ने दिया है। असाद कालिया के खिलाफ एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा वह चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में भी शामिल बताया जाता है। जमानत के समर्थन में असाद कालिया की ओर से कहा गया कि याची को इस मुकदमे में झूठा फंसाया गया है। 

कहा गया कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण शिकायतकर्ता अचल कुमार भारती ने एक भूमाफिया के साथ मिलकर याची को झूठे मुकदमे में फंसाया है। शिकायतकर्ता अंचल कुमार भारती ने यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है कि वह 26 जुलाई 2022 को मंदरी स्थित अपनी जमीन देखने गया था।

तभी असाद कालिया अपने साथियों के साथ आया और जान से मारने की नीयत से उस पर पिस्टल से गोली चलाई। असाद की ओर से कहा गया था कि शिकायतकर्ता को कोई चोट नहीं आई है। घटना की प्राथमिकी करीब एक सप्ताह विलंब से 31 जुलाई 2022 को दर्ज कराई गई।

सरकारी वकील ने कहा कि असाद कालिया 50 हज़ार का इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ 15 आपराधिक मुकदमे हैं। साथ ही चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि हत्याकांड की साजिश रचने में वह भी शामिल था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए कहा कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे के ट्रायल में कोई प्रगति नहीं होती तो याची दोबारा जमानत अर्जी दाखिल कर सकता है।

अतीक-अशरफ हत्याकांड की सुनवाई टली
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ हत्याकांड की शुक्रवार को सेशन कोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है। अब यह सुनवाई चार दिसंबर को होगी। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के तीनों हत्यारोपित सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य प्रतापगढ़ की जिला कारागार में निरुद्ध हैं। इन्हें सेशन जज संतोष राय की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

पिछली तारीख पर आरोपित सनी सिंह की ओर से पैरवी करने के लिए अदालत ने रत्नेश कुमार शुक्ल ने कहा कि आरोप स्तर पर बहस करने के लिए उनको कुछ कागजात दाखिल करने हैं। जिस पर अदालत ने विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई के लिए चार दिसंबर की तिथि नियत कर दी।

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