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ओवैसी बोले-सीएम योगी का बस यही काम ठोको और नाम बदलो  

वरिष्ठ संवाददाता,प्रयागराजPublished By: Dinesh Rathour
Sat, 25 Sep 2021 04:49 PM
ओवैसी बोले-सीएम योगी का बस यही काम ठोको और नाम बदलो  

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी ने प्रयागराज में सभा को संबोधित करते हुए सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा पर हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि सीएम योगी के पास एक-दो काम ही हैं। नाम पूछकर ठोक दो और कुछ समझ में न आए तो नाम बदल दो। इलाहाबाद के साथ यही हुआ। इसे प्रयागराज कर दिया गया। अब गैस सिलेंडर महंगा हो रहा है, कहीं योगी उसका नाम भी न बदल दें। उन्होंने कहा कि मोदी-योगी से डरना छोड़ दो। मुकाबले में आओ, हम तुम्हारे साथ हैं। भाजपा के डर की वजह से अखिलेश, मायावती और कांग्रेस के झंडे-कुर्सी मत उठाओ। अपनी कयादत बनाओ, बिना रहनुमा के तुम्हें हक और इंसाफ नहीं मिलेगा। ओवैसी ने ललकारा, अब बीज बोने का समय चला गया। ये फसल काटने का वक्त है, इसलिए निकलो, अपना हक छीनो। खुद जीतो। 

अटाला में मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में भीड़ को संबोधित कर रहे ओवैसी ने कहा कि योगी ठाकुरों के नेता हो सकते हैं, अखिलेश यादवों, मायावती दलितों-जाटवों और अनुप्रिया कुर्मियों की नेता हो सकती हैं तो मुस्लिमों का नेता क्यों नहीं हो सकता। मैं तुम्हारी आवाज बुलंद करता हूं तो कहा जाता है कि वोट काटने आया है। मुस्लिमों ने जिंदगी भर कांग्रेस-सपा को ढोया। योगी सरकार ने मौलाना कलीम को धर्मांतरण के फर्जी आरोप में जेल भेज दिया। पूछो- अखिलेश और राहुल कब बोलेंगे। ये डर की वजह से नहीं बोलेंगे। बोलने की जिम्मेदारी मेरी और मुस्लिमों का वोट लेने के लिए ये बैठे हैं। उन्होंने कहा कि योगी क्या कर रहे हैं, अतीक, मुख्तार, शहाब और आजम नाम है तो जेल में डाल दो। भाजपा के सौ ऐसे विधायक हैं जिन पर गंभीर मुकदमे हैं। ये ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने अपने मुकदमे खत्म करा लिए। दंगों के आरोपी नेताओं के केस वापस हो गए। जेल भरने के लिए क्या सिर्फ मुसलमान ही हैं। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव में अपनी ताकत दिखाओ। योगी सरकार को उखाड़ फेंको। हमे वोटकटवा कहने वालों को मजबूर कर दो कि वह समझौता करने आएं। 

जानवरों की गिनती पर ओबीसी की नहीं 

ओवैसी ने भाईचारा खत्म करने की राजनीति करने वाले मोदी-योगी हिन्दुओं को भी धोखा दे रहे हैं। देश में गाय-बैल समेत अन्य जानवरों की गिनती हो सकती है लेकिन ओबीसी जनगणना नहीं कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि क्या आज महंगाई पर कोई बोल सकता है। 

शाइस्ता ने पढ़ा, जेल से आया अतीक का माफीनामा

पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके परिवार वालों के एआईएमआईएम ज्वाइन करने के बाद ओवैसी की यह सभा रखी गई थी। ऐसे में अहमदाबाद जेल में बंद अतीक ने जनता के नाम पैगाम भेजा। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने मंच पर रो-रोकर खत पढ़ा। पत्र में यूं तो बहुत बातें थीं लेकिन सबसे अहम यह रहा कि अतीक ने एक तरह से शहर के लोगों से माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि, मुझे खबर नहीं होती थी और मेरे रिश्तेदारों, करीबियों ने आपको खूब परेशान किया। कुछ पर जुल्म हुआ, इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। अतीक ने कहा, तमाम गलतियां मुझसे भी हुईं हैं, अब मुझे इसका अहसास है। आपने हर बार साथ दिया। मैं और मेरा भाई जेल में हैं, बेटे पर इनाम घोषित है। न चाहते हुए भी पत्नी को सड़क पर उतरना पड़ा। अब आपको साथ देना होगा ताकि हम अपने हक की बात कर सकें। 

सबको हराओ, भले भाजपा जीत जाए

अतीक अहमद का खत पत्नी ने पढ़ा तो उसमें कुछ बातें सुन लोग हतप्रभ रह गए। शाइस्ता ने खत पढ़ते हुए कि पार्टी के तीन स्टेज होते हैं। पहला हारने, दूसरा हराने और तीसरा जीतने का। हम हार चुके। अब हराना और जीतना होना है। ऐसे में हमें मिलकर सबको हराना होगा। सपा, बसपा, कांग्रेस सबको हराओ। भले ही भाजपा जीत जाए। जिन्होंने हमें धोखा दिया उन्हें हराने का सबक देना ही होगा। ये हारेंगे तो हमें अपना हक मिलेगा। परवेज टंकी, अंसार पहलवान को जिता भी दोगे तो ये सपा की कुर्सी उठाएंगे। मसले तभी हल होंगे जब कयादत अपनी होगी। भाजपा जीते तो जीते हमने अपनी ताकत दिखानी होगी।

पहले भाषण में दिखे अली के तेवर 

अतीक के दूसरे नंबर के बेटे अली ने पहली बार मंच से भाषण दिया। अली ने बार-बार अब्बा (अतीक) का जिक्र किया। तेवर भी कुछ उन जैसा दिखाने की कोशिश की। कहा, मैं छात्र हूं लेकिन मछली के बच्चों को तैरना नहीं सिखया जाता। सियासत मेरे खून में है। अली ने खूब शेरो शायरी भी की। उन्होंने शायरी पढ़ी- शेर पलटकर आएगा- उनकी इस लंबी शायरी पर खूब तालियां बजीं। अली ने कहा, वक्त आएगा हम सबका जिन्होंने घर तोड़ा है, वही ईंट उठाकर लाएंगे। अली ने बताया जेल में आज कल अब्बा तुर्की की वेब सिरीज अर्तुगल गाजी देख रहे हैं। मैं पेन ड्राइव, चिप में उन्हें पहुंचाता हूं। 

पुलिस ने दी खुली छूट, 100 की बजाय हजारों की भीड़

सख्त योगी सरकार में एआईएमआईएम की सभा में पुलिस ने खुली छूट दी। वह भी तब जब अतीक परिवार ने सभा की पूरी तैयारी अपने हाथ में ली थी। मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज के चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पुलिस और प्रशासनिक अफसर रहे लेकिन सब खामोश। सभा के लिए प्रशासन ने सौ लोगों की अनुमति दी थी। भीड़ हजारों की पहुंच गई। मैदान के अलावा अटाला चौराहे पर मजमा रहा। गाड़ियों के काफिले से खूब जाम भी लगा। कई बार झंडा लेकर दौड़ते युवाओं की वजह से अफरातफरी भी मची लेकिन पुलिस चुप रही। यहां तक कि कॉलेज की दीवार पर युवकों की टोली खड़ी थी। पुलिस ने बस सुरक्षा इंतजाम देखा। भीड़ को नहीं रोका।
 

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