DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
उत्तर प्रदेश

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

विधि संवाददाता, लखनऊPublished By: Shivendra Singh
Mon, 11 Oct 2021 07:40 PM
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

एमपी/ एमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से जिरह न किए जाने एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के अदालत में हाजिर न होने पर नाराजगी जाहिर की है। जज ने श्रीकांत शर्मा से जिरह का अवसर समाप्त कर दिया है। उन्होंने अजय कुमार लल्लू की ओर से दी गई अर्जी को खारिज कर उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत में मामले की शेष गवाही के लिए आगामी 25 अक्टूबर की तिथि नियत की है।

पत्रावली के अनुसार गत 27 सितंबर को परिवादी श्रीकांत शर्मा ने अपनी गवाही दर्ज कराई थी। इस पर बचाव पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिए जाने के कारण अदालत ने 11 अक्टूबर को जिरह के लिए मामले को नियत किया था। अदालत में 11:00 बजे से श्रीकांत शर्मा अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित थे, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से न तो जिरह की गई और न ही अजय कुमार लल्लू हाजिर थे। उनकी तरफ से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।

अदालत ने अजय कुमार लल्लू के प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर अपने आदेश में कहा है कि गवाह सुबह से न्यायालय में उपस्थित है। परंतु बचाव पक्ष की ओर से जिरह करने के लिए कोई उपस्थित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा है कि गत 27 सितंबर को बचाव पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र देकर कहा गया था कि उनकी ओर से अगली तिथि पर अवश्य जिरह कर ली जाएगी।

अदालत के समक्ष दाखिल परिवाद में ऊर्जा मंत्री ने आरोप लगाया है कि आरोपी अजय कुमार लल्लू यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उनके ऊपर मिथ्या एवं राजनीतिक से प्रेरित आरोप लगाए हैं कि गरीब जनता की बिजली कुछ सौ रुपए बकाया पर कटवा देने वाले मंत्री बिजली विभाग के खजाने से हजारों करोड़ रुपये देशद्रोही दाऊद इब्राहिम और इकबाल मिर्ची से जुड़ी कंपनियों को देते हैं।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बयान दिया है कि लल्लू ने उनके संबंध में जो भी आरोप लगाए गए हैं उसकी जांच होनी चाहिए कि सितंबर और अक्टूबर 2017 में ऊर्जा मंत्री किस उद्देश्य दुबई गए थे और वहां किन-किन लोगों से मुलाकात की। मीडिया के सामने लल्लू ने कहा था कि यह दौरा उसी समय का है जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक कंपनी को जा रहा था और ऊर्जा मंत्री 10 दिन की इस अधिकारिक यात्रा का उद्देश्य बताएं। लल्लू के इन बयानों को समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रसारित किया था।

संबंधित खबरें