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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशफलों के रस से वाइन बनाने का लगेगा एक और प्लांट, यूपी सरकार ने दी मंजूरी

फलों के रस से वाइन बनाने का लगेगा एक और प्लांट, यूपी सरकार ने दी मंजूरी

मुजफ्फरनगर में मेसर्स के.डी. सोल्यूवशन प्रा.लि. मेरठ रोड को 54,446 लीटर वार्षिक क्षमता की वाइनरी स्थापित किए जाने की अनुमति दी गई है। इससे पहले हरदोई और बरेली में फैक्ट्री लगाने की मंजूरी मिली थी।

फलों के रस से वाइन बनाने का लगेगा एक और प्लांट, यूपी सरकार ने दी मंजूरी
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊSun, 25 Sep 2022 07:43 PM

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फलों के रस से वाइन बनाने की एक औद्योगिक इकाई वाइनरी की स्थापना के लिए यूपी सरकार ने अनुमति प्रदान कर दी है। मुजफ्फरनगर में मेसर्स के.डी. सोल्यूवशन प्रा.लि. मेरठ रोड को 54,446 लीटर वार्षिक क्षमता की वाइनरी स्थापित किए जाने की अनुमति दी गई है।

वाइनरी को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज का अनुपालन भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस वाइनरीज की स्थापना से जहां एक तरफ प्रदेशों में उत्पादित हो रहे फलों का उपयोग होगा। वहीं दूसरी तरफ किसानों को फलों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। शासन द्वारा वाइनरी की स्थापना की अनुमति प्रदान करने से लगभग 50 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार तथा लगभग 150 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

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अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि देश में उत्पादित फलों का 26 प्रतिशत फल का उत्पादन उत्तर प्रदेश में किया जाता है, जो रैकिंग के हिसाब से देश में तीसरा स्थान रखता है। उत्तर प्रदेश में कुल 4.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर फलों की खेती की जाती है और फल उत्पादकों द्वारा 105.41 लाख टन फलों का उत्पादन प्रतिवर्ष किया जाता है। इन उत्पादित फलों में से 60 प्रतिशत फलों का सदुपयोग हो जाता है जबकि 40 प्रतिशत लगभग 42.16 लाख टन फल सदुपयोग होने से बच जाता है।

 इस प्रकार प्रदेश में खपत से बचे हुए फलों की कीमत लगभग रुपये 4,216.40 करोड़ होती है। वाइनरी उद्योग की स्थापना से बचे हुए फलों का सदुपयोग किया जा सकेगा, जिससे किसानों के आय में वृद्धि होगी, रोजगार सृजन के अवसर प्राप्त होंगे तथा सरकार के राजस्व में इजाफा होगा।
 

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