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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में एक और फर्जीवाड़ा, शादीशुदा लोगों की करा दी शादी, 51 हजार रुपये के लिए दूल्हा-दुल्हन बना दंपति

यूपी में एक और फर्जीवाड़ा, शादीशुदा लोगों की करा दी शादी, 51 हजार रुपये के लिए दूल्हा-दुल्हन बना दंपति

कुछ दिन पहले बलिया में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा तो आपको याद ही होगा। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कई अफसरों और कर्मचारियों पर गाज गिरी थी।

यूपी में एक और फर्जीवाड़ा, शादीशुदा लोगों की करा दी शादी, 51 हजार रुपये के लिए दूल्हा-दुल्हन बना दंपति
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,मैनपुरीMon, 17 Jun 2024 06:47 PM
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कुछ दिन पहले बलिया में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा तो आपको याद ही होगा। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कई अफसरों और कर्मचारियों पर गाज गिरी थी। इसी तरह का एक और मामला अब मैनपुरी से सामने आया है। यहां सामूहिक विवाह योजना में शादीशुदा जोड़ों की ही शादी करा दी गई। 51 हजार रुपये के लिए दंपति फिर से दूल्हा-दुल्हन बन गए। मामले की जानकारी जब अफसरों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। पूरा मामला विकास खंड घिरोर के गांव नाहिली का है। यहां के रहने वाले विजय पाल ने पुत्री सेजल की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी किया था। आवेदन करने के बाद कागजी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। इसके चलते उन्होंने 17 जनवरी 2023 को रीति-रिवाज से गांव में ही बेटी की शादी देशराज के साथ कर दी।

28 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर फिर से शादीशुदा जोड़े के फेरे डलवा दिए। ग्रामीण का आरोप है कि इसके लिए अधिकारियों ने उससे 5000 रुपये की रिश्वत भी ली। रुपये लेने के बाद ही अफसरों ने सेजल को पात्र दर्शाया और समारोह में दोबारा शादी करा दी। ये मामला जब खुला तो विभाग पूरे केस को दबाने में जुट गया। विभागीय अफसर पर इस मामले में कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। 

बेटी के खाते में सीधे जाते हें 35 हजार रुपये

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक जोड़े को 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें 35 हजार रुपये सीधे बेटी के खाते में जमा होते हैं और 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है। 6 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इस संबंध में जिला समाज कल्यााण अधिकारी का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर कहीं ऐसी गड़बड़ी हुई है तो जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।