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यूपी के बलिया में गजब हो गया, सामूहिक विवाह में बिना दूल्हे सैकड़ों दुल्हनों की करा दी शादी, देखिए VIDEO

यूपी में सामूहिक विवाह के नाम पर ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनने और देखने के बाद हर कोई चौंक जा रहा है। बलिया के मनियर में सैकड़ों दूल्हनों की शादी बिना दूल्हे के ही अफसरों ने करा दी है।

यूपी के बलिया में गजब हो गया, सामूहिक विवाह में बिना दूल्हे सैकड़ों दुल्हनों की करा दी शादी, देखिए VIDEO
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,बलियाTue, 30 Jan 2024 03:46 PM
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यूपी के बलिया से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में अफसरों ने सैकड़ों दुल्हनों की बिना दूल्हे के ही शादी करा दी। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो वायरल भी हो रहे हैं। दुल्हनें खुद ही अपने गले में वरमाला डालती दिखाई दे रही हैं। बताया जाता है कि इन दुल्हनों में कई पहले से शादीशुदा भी हैं। यही नहीं, कई नाबालिक किशोर भी इस दौरान दूल्हे बने बैठे हैं और वह भी खुद अपने गले में वरमाला डाल रहे हैं। 25 जनवरी को मनियर इंटर कॉलेज के मैदान में इस सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। इसमें 568 जोड़ों की शादी का दावा किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद से हड़कंप मचा है। सीडीओ ने जांच टीम गठित कर दी है। टीम ने इलाके में आकर जांच भी शुरू कर दी है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली योजनाओं में सामूहिक विवाह भी शामिल है। इसमें गरीब घर की लड़कियों की शादी सरकारी खर्च पर कराई जाती है। समाज कल्याण विभाग इस शादी का आयोजन करता है। एक जोड़े पर सरकार की तरफ से 51 हजार रुपए खर्च किए जाते हैं। इनमें से 35 हजार लड़की के बैंक खाता में भेजा जाता है। 10 हजार का उपहार दिया जाता है। 10 हजार घराती और 6 हजार बाराती के स्वागत आदि पर खर्च होता है। 

इलाके के लोगों का कहना है कि विवाह में 90 फीसदी दूल्हा दुल्हन फर्जी हैं। उनका कहना है कि कई महिलाओं की शादी पांच साल पहले हो चुकी है वह भी उसमें शामिल होकर योजना का लाभ ले चुकी हैं। विवाह समारोह में कुछ दूल्हें नाबालिग भी थे। 

पांच सौ एक हजार में दुल्हनों को लाया गया
सूत्रों की मानें तो विवाह समारोह में पांच सौ से एक हजार रुपए देकर कई दुल्हनों और दूल्हों को बैठाया गया था। दुल्हनों ने घूंघट और दूल्हों ने पहचान छिपाने के लिए गमछा व मास्क से मुंह ढंक रखा था। मंत्रोचार के बाद कई महिलाएं दूल्हे की बजाय खुद माला डालतीं नजर आ रही हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि गांव की महिलाओं का चयन तो किया गया लेकिन इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं दी गई। इस पूरे प्रकरण में अफसरों व दलालों का गठजोड़ खुलकर सामने आया है। 

ब्लॉक प्रधान संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र पाठक ने बताया कि मनियर इंटर कॉलेज में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में 90 प्रतिशत फर्जीवाड़ा हुआ है। सरकारी पैसे का का बंदरबाट किया गया है। सामूहिक शादी में कई महिलाएं व लड़किया वरमाला अपने हाथ से अपने गला में डाल रही थीं। खास बात यह कि कई ने सिंदूरदान के समय में भी घूंघट नहीं उठाया। 

मनियर के ब्लॉक के बीडियो इरशाद अहमद का कहना है कि सामूहिक विवाह समारोह में कुछ वर की अनुपस्थिति में कुछ बधूओं के द्वारा खुद वरमाला डालने की वीडियो वॉयरल हो रहा है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जायेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव कुमार यादव के अनुसार सामूहिक विवाह में शादी-शुदा लोगों के शामिल होने की जानकारी नहीं है। कुछ दिनों पहले ही मैने चार्ज लिया है। ब्लॉक स्तर से सत्यापन की रिपोर्ट पर यह आयोजन कराया गया है। अगर गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच करायी जायेगी।

तीन सदस्यीय कमेटी ने शुरू की जांच
सामूहिक विवाह में गड़बड़ी की शिकायत पर जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों ने जांच के नाम पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सम्बंधित गांवों के पंचायत भवन पर खुली बैठक बुलाकर जांच की जानी चाहिए। घर पर पूछताछ करने में कोई अपात्र भी अपनी गलती स्वीकार नहीं करेगा। 

जिला पंचायत के पूर्व सदस्य व घाटमपुर के प्रधान प्रतिनिधि एचएन पाल ने बताया कि घाटमपुर, ककरघट्टा, मानिकपुर, विशुनपुरा, सरवार ककरघट्टी जैसे गांवों में पंचायत भवन पर संभ्रांत लोगों की बैठक कर सही-गलत की पहचान की जा सकती है। आरोप लगाया कि जांच टीम के पहुंचने से पहले ही विभाग को ‘सक्रिय’ कर दिया गया, ताकि गलत लोग सामने न आ सकें। कहा कि यदि जांच सही से नहीं हुई तो प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग करेंगे। उधर, विक्रमपुर पश्चिम के प्रधान अशोक पाठक ने भी पंचायत भवन पर खुली बैठक कर जांच कराने की मांग की, ताकि सरकार की योजनाओं पर अंगुली न उठ सके तथा पात्रों को ही योजना का लाभ मिले।

कई गांवों में पहुंची टीम
25 जनवरी को मनियर इंटर कालेज के मैदान में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए सीडीओ ओजस्वी राज ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। जिला कृषि अधिकारी, दिव्यांग कल्याण अधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी की टीम ने जांच शुरू भी कर दी। सोमवार को टीम ने मनियर ब्लॉक के चार गांवों सुल्तानपुर, मानिकपुर, रिगवन और ककरघट्टा ग्राम पंचायत के नवकागांव में पहुंचकर छानबीन की। करीब छह घंटे तक इन गांवों में रहकर अधिकारियों ने लाभार्थियों की जानकारी जुटाई।

दोषियों पर होगा केस, रिकवरी की भी कार्रवाई
सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा की शिकायत और वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में अफरातफरी का माहौल है। इस बीच, सीडीओ ओजस्वी राज ने स्पष्ट किया है कि जांच में गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी। सीडीओ ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना के तहत दिए जाने वाले सरकारी अनुदान को जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है। लाभार्थियों की सूची का सत्यापन करने वाले कर्मचारियों के साथ ही योजना के तहत आवेदन करने वालों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल भुगतान रोका
सामूहिक विवाह में धांधली की शिकायत मिलने पर लाभार्थियों का भुगतान रोक दिया गया है। समाज कल्याण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने कहा कि विवाह के सभी का लाभार्थियों का भुगतान फिलहाल नहीं मिलेगा। जांच के लिए डीएम को पत्र भेज रहे हैं।

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