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हाईकोर्ट ने खारिज की आम्रपाली ग्रुप के एमडी और ऑडिटर की जमानत याचिका, कहा-मनी लॉंड्रिंग का अपराध राष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर चोट

विधि संवाददाता ,लखनऊ Published By: Ajay Singh
Tue, 15 Dec 2020 09:05 PM
हाईकोर्ट ने खारिज की आम्रपाली ग्रुप के एमडी और ऑडिटर की जमानत याचिका, कहा-मनी लॉंड्रिंग का अपराध राष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर चोट

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आम्रपाली ग्रुप ऑफ कम्पनीज के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा व सांविधिक ऑडिटर अनिल मित्तल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि काले धन को वैध बनाने का अपराध बहुत ही गम्भीर है। इस प्रकार का अपराध राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी गम्भीर खतरा पैदा करता है।

यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल सदस्यीय पीठ ने अनिल कुमार शर्मा व अनिल मित्तल की अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए पारित किया। आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ 23 जुलाई 2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जांच चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने कम्पनी के अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर रखा है। कम्पनी पर नोएडा व ग्रेटर नोएडा में फ्लैट व घर खरीदारों का पैसा हड़पने का आरोप है।

न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर अलग-अलग आदेश पारित करते हुए कहा कि 23 जुलाई 2019 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बारीकी से उजागर किया था कि किस प्रकार कम्पनी ने लोगों के साथ धोखा किया है। साथ ही इस मामले की विवेचना अभी चल रही है और पैसे का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह क्लासिक केस है
न्यायालय ने कहा कि यह एक क्लासिक है कि कैसे एक रियल इस्टेट कम्पनी वित्तीय संस्थाओं और सरकारी अधिकारियों से साठगांठ कर के फ्लैट खरीदारों के हजारों करोड़ रुपये को हड़प सकती है।

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