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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशलेस्बियन कपल को झटका, कोर्ट ने दो लड़कियों की शादी को मंजूरी देने की याचिका की खारिज

लेस्बियन कपल को झटका, कोर्ट ने दो लड़कियों की शादी को मंजूरी देने की याचिका की खारिज

दो युवतियों ने आपस में शादी कर ली थी। उन्होंने कोर्ट से शादी को मंजूरी देने की मांग की थी। सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने इसका विरोध करते हुए समलैंगिक विवाह को धर्म और संस्कृति के खिलाफ बताया।

लेस्बियन कपल को झटका, कोर्ट ने दो लड़कियों की शादी को मंजूरी देने की याचिका की खारिज
Sudhir Jhaभाषा,प्रयागराजThu, 14 Apr 2022 12:14 PM

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो युवतियों की ओर से दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने दोनों के बीच विवाह को मान्यता देने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने एक युवती की मां अंजू देवी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों युवतियों की याचिका को खारिज किया। 

अंजू देवी ने अपनी 23 वर्षीय बेटी को सौंपे जाने का अनुरोध करने संबंधी यह याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी को 22 वर्षीय एक दूसरी लड़की ने अवैध रूप से बंदी बना रखा है। इससे पहले, 6 अप्रैल को अदालत ने राज्य सरकार के वकील को अगले दिन दोनों युवतियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। 

7 अप्रैल को दोनों युवतियां अदालत में उपस्थित हुईं और उन्होंने बताया कि दोनों ने एक दूसरे से विवाह किया है और उनके विवाह को मान्यता दी जाए। युवतियों ने दलील दी कि हिंदू विवाह अधिनियम 2 लोगों के बीच विवाह की बात करता है, कानून ने समलैंगिक विवाह का विरोध नहीं किया है। 

इस पर सरकारी वकील ने अपनी दलील में कहा, ''हिंदू संस्कृति में विवाह एक संस्कार है जो पुरुष और महिला के बीच ही किया जा सकता है। हमारा देश भारतीय संस्कृति, धर्म और भारतीय कानून के हिसाब से चलता है। भारत में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है जबकि अन्य देशों में विवाह एक अनुबंध है।'' अदालत ने युवतियों की याचिका खारिज कर दी और युवती की मां की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण कर दिया।

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