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Hindi News उत्तर प्रदेशअखिलेश और सपा के खिलाफ मुस्लिम गोलबंदी? बदायूं में बसपा को मिला जमात का समर्थन

अखिलेश और सपा के खिलाफ मुस्लिम गोलबंदी? बदायूं में बसपा को मिला जमात का समर्थन

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुस्लिमों की लीडरशीप हशिये पर डाल दी है। साथ ही उन्होंने मौलानाओं से बसपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने की अपील की है।

अखिलेश और सपा के खिलाफ मुस्लिम गोलबंदी? बदायूं में बसपा को मिला जमात का समर्थन
Pawan Kumar Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,बदायूंWed, 01 May 2024 09:18 PM
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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर बदायूं में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यहां ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुस्लिमों की लीडरशीप हशिये पर डाल दी है। साथ ही शहाबुद्दीन रजवी ने बदायूं के मौलानाओं से बसपा प्रत्याशी के पक्ष में मुस्लिम से एकजुट होकर मतदान करने की अपील भी की। 

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने बुधवार को शहर के जालंधरी सराय स्थित बसपा प्रत्याशी के आवास पर बैठक की। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'आज हालत यह है कि वह जो लोकसभा के स्पीच दे रहे हैं, उन तमाम भाषणों में मुसलमान शब्द लेने में भी उन्हें डर और खौफ महसूस होता है। किस बात का आपको डर है आप मुसलमानों का वोट लेना चाहते हैं लेकिन उनका नाम नहीं लेना चाहते हैं। चाहे राज्यसभा, विधानपरिषद या लोकसभा हो आपने मुसलमानों को नजरअंदाज किया। इसके अलावा यूपी 22 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां मुसलमानों को टिकट दिया जाना चाहिए लेकिन वहां गैर मुसलमानों को टिकट दिया गया।' 

राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बरेली और बदायूं के मौलानाओं ने बसपा प्रत्याशी के पक्ष में मुस्लिमों से एकजुट होकर मतदान करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, 'तमाम मौलानाओं ने फैसला किया है कि बदायूं लोकसभा से मुस्लिम कयादत को खत्म करने की जो साजिश रची जा रही है हम इसे नाकाम करेंगे। हम लोग बहुजन समाज पार्टी से प्रत्याशी हाजी मोहम्मद मुस्लिम खां समर्थन दे रहे हैं और खासतौर पर बदायूं लोकसभा क्षेत्र के मुसलमानों से अपील करना चाहते हैं कि वह हाजी मोहम्मद मुस्लिम खां को जीताकर संसद में भेजें। संसद में वह मुसलमानों की आवाज बनेंगे, मुसलमानों की हकों और अधिकारों की बात करेंगे। पार्लियामेंट में इनके जैसे कद्दावर नेता होगा तो वहां मुसलमानों के खिलाफ कोई फैसला नहीं हो सकता है। अगर हुआ तो वह रोकने में सक्षम होंगे।'