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बच्चों को लेकर यूपी में अलर्ट, कोरोना के बाद अब चीन में फैलने लगी नई बीमारी

कोरोना वायरल को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि चीन में एक नई बीमारी फैलने लगी है। चीन में बच्चों को होने वाली इस बीमारी के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से सतर्क हो गया। यूपी में इसको लेकर अलर्ट...

बच्चों को लेकर यूपी में अलर्ट, कोरोना के बाद अब चीन में फैलने लगी नई बीमारी
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊ।Sat, 02 Dec 2023 07:59 PM
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कोरोना वायरल को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि चीन में एक नई बीमारी फैलने लगी है। चीन में बच्चों को होने वाली इस बीमारी के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से सतर्क हो गया। यूपी में इसको लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है। सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को इसे लेकर खास सतर्कता बरतने को कहा गया है। इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एसएआरआई) को लेकर सर्विलांस बढ़ाने के साथ ही सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। 

चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सचिव रंजन कुमार की ओर से आईएलआई व एसएआरआई को लेकर सभी मंडलायुक्त, अपर निदेशकों, डीएम, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को शनिवार को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। बच्चों के इलाज से जुड़े सभी चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के प्रशिक्षण के साथ ही उनका संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण भी कराया जाएगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक की ओर से इस संबंध में यूपी सहित सभी राज्यों को निर्देशों जारी किए गए हैं। इनका हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि जो मरीज मिले हैं, उनमें ह्यूमन एन्फ्लूएंजा वायरस, सोर्स कोव-टू वायरस तथा माइक्रोप्लाज्मा जैसे सामान्य संचरण में पाए जाने वाले रोगाणुओं के कारण संक्रमण पाया गया है।

बच्चों के इलाज से जुड़े स्टाफ का होगा टीकाकरण

उन्होंने कहा है कि फिलहाल कोई चिंता का कारण तो नहीं है लेकिन सर्विलांस बढ़ाने के साथ ही अस्पतालों में इलाज की व्यवस्थाएं दुरुस्त किया जाना जरूरी है ताकि जरूरत पड़ने पर संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रभावी किया जा सके। सभी अस्पतालों में ओपीडी व भर्ती मरीजों में आईएलआई व एसएआरआई के मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है। पीडियाट्रिक इंडोर यूनिट, मेडिसिन एवं पीडियाट्रिक ओपीडी व सभी प्रकार की गहन चिकित्सा इकाइयों को सभी स्टाफ को इंफ्लूएंजा टीका लगवाया जाए।

यूनिसेफ व डब्ल्यूएचओ की ली जाएगी मदद

इसमें यूनिसेफ व विश्व स्वास्थ्य संगठन की भी मदद ली जाएगी। यदि किसी अस्पताल या क्षेत्र विशेष में ऐसे केस बढ़ते हैं तो तत्काल इसकी सूचना राज्य मुख्यालय को देनी होगी। अस्पताल में भर्ती होने वाले सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के रोगियों की जांच के लिए सैंपल वीआरडीएल प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। जहां प्राथमिकता से उनकी जांच कर संबंधित अस्पताल व राज्य सर्विलांस इकाई को सूचना दी जाएगी।

हर मेडिकल कॉलेज में 30 रोगियों के इलाज का हो इंतजाम

सभी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को ऑक्सीजन, कंसंट्रेटर, पीपीई किट, हैंड सेनेटाइजर, ऑक्सीजन मास्क, वेंटीलेटर सहित अन्य इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा गया है। वहीं डॉक्सीसाईक्लिन, एजिथ्रोमाइसिन, ऑसेल्टामिविर सहित अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हर जिला स्तरीय अस्पतालों के आईसीयू में 10 और मेडिकल कॉलेजों में 30 गंभीर रोगियों के इलाज की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा संक्रमण से बचाव व इलाज के लिए स्टाफ के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है। 

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