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जातीय जनगणना पर अखिलेश यादव का बड़ा दांव, जिले-जिले होगी संगोष्ठी, वाराणसी से शुभारंभ

समाजवादी पार्टी ने अब जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर साफ कर दिया है कि वह सड़क से लेकर सदन तक जोरदार अभियान चलाएगी। सदन में इसे जोर-शोर से उठाने के बाद शुक्रवार से संगोष्ठी की शुरुआत हो गई।

जातीय जनगणना पर अखिलेश यादव का बड़ा दांव, जिले-जिले होगी संगोष्ठी, वाराणसी से शुभारंभ
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,वाराणसीFri, 24 Feb 2023 03:58 PM
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लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जातीय जनगणना का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। गुरुवार को भी विधानसभा में इसे उठाया। सपा ने इसे लेकर अब बड़ा दांव चला है। सपा ने जातीय जनगणना पर दबाव बनाने के लिए जिले-जिले संगोष्ठी कराने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत वाराणसी से शुक्रवार को हो गई। यह अभियान ब्लाक स्तर तक चलेगा। समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ और समाजवादी बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी के संयुक्त साझेदारी के साथ हो रहे आयोजन को लेकर ‘जातीय जनगणना कराए सरकार, सबको सम्मान अधिकार’ नारा दिया गया है।

इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने अब जातिगत जनगणना कराने की मांग का लेकर साफ कर दिया है कि सड़क से लेकर सदन तक जोरदार अभियान चलेगा। समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप विभिन्न जिलों में विधानसभा के ब्लाक स्तर पर संगोष्ठियां कर अन्य पिछड़ा वर्ग सहित सभी जातियों की जातिवार जनगणना की मांग पर लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे।

प्रत्येक जिलों में विधानसभा के ब्लाक स्तर पर संगोष्ठी का प्रथम चरण शुक्रवार को वाराणसी से शुरू होकर 5 मार्च तक चलेगा। इसमें 24 व 25 फरवरी को वाराणसी, 26 व 27 फरवरी को सोनभद्र, 28 फरवरी और 01 मार्च को मिर्जापुर, 02 व 03 मार्च को भदोही में संगोष्ठियां होंगी। 4 व 5 मार्च को प्रयागराज में पहले चरण का समापन होगा।

सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार जातिवार गणना कराये जाने से विभिन्न जातियों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हो सकेंगे और सभी को उनकी संख्या के अनुसार हक और सम्मान मिल सकेगा। जातिवार जनगणना के आंकड़ों से सरकार विकासकार्यों के अलावा अन्य नीति निर्धारण का कार्य कर सकेगी।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधानसभा में जातीय जनगणना कराने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। अब इसी मांग को लेकर समाजवादी पार्टी गांव-गांव जा रही है। वाराणसी में 26 फरवरी को कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर होगा, जिसमें पार्टी के दलित वर्ग के कार्यकर्ता शमिल होंगे।

9 फरवरी को अखिलेश यादव ने पूर्वांचल की धरती से 2024 के चुनाव का शंखनाद किया था, जिसमें बनारस मुख्य केंद्र बना। एक बार फिर बनारस को समाजवादी पार्टी जातीय जनगणना जैसे अभियान का श्रीगणेश किया है। इस संगोष्ठी में बनारस समेत चंदौली, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र जिले से समाजवादी नेता शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम को लेकर समाजवादी बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी के रास्ट्रीय महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिये दलित परिवारों के लोगों के पास जाकर उन्हें एकत्रित किया जाएगा और उनके हक के लिए आवाज उठाया जाएगा।

दरअसल, समाजवादी पार्टी एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश में जुटी है। लोकसभा चुनाव 2024 के पहले जनपदवार कैडर बेस गोष्ठी के जरिये समाजवादी कुनबा को और मजबूत करने की कोशिश हो रही है तो दूसरी ओर जातीय गोलबंदी तेज की जा रही है।

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