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बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर... यूपी के बजट पर अखिलेश यादव विधानसभा में तंज

विधानसभा में बजट पर अखिलेश यादव ने कविता के जरिए सरकार को घेरा और कहा कि आपका बजट पुरानी कविता की तरह है। हम लोग पढ़ते थे कि बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर।

बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर... यूपी के बजट पर अखिलेश यादव विधानसभा में तंज
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊSat, 10 Feb 2024 03:16 PM
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यूपी विधानसभा में बजट को लेकर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शायरी का जवाब शायरी और कविताओं के जरिए दिया। अखिलेश यादव ने सरकार के सबसे बड़े बजट के दावे पर कहा कि जब इतना बड़ा बजट लेकर आई तो खर्च क्यों नहीं किया। जब खर्च ही नहीं करना है तो इतना बड़ा बजट क्यों ला रहे हैं। अखिलेश यादव ने अलग अलग विभागों को अलाट बजट और अभी तक हुए खर्च का पूरा ब्योरा विधानसभा में पेश किया। अखिलेश ने कविता के जरिए सरकार को घेरा और कहा कि आपका बजट पुरानी कविता की तरह है। हम लोग पढ़ते थे कि बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर। आपका बजट भी इतना बड़ा है लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं है।

अखिलेश ने कहा कि जो सरकार पैसे नहीं खर्च कर पा रही वह शेरो शायरी का रास्ता अपना रही है। क्या शेरो शायरी से जनता की जरूरतें पूरी हो गई हैं। पूछा कि क्या बजट में आपका प्रोविजन गलत है या आंकड़े गलत हैं। कहा कि यूपी का बजट चाहे सात करोड़ का हो या आठ लाख करोड़ का हो सवाल यही है कि 90 प्रतिशत जनता के लिए क्या है। दस प्रतिशत लोगों के लिए 90 प्रतिशत बजट रखती है, 90 प्रतिशत लोगों के लिए दस प्रतिशत बजट रखती है। 

अखिलेश ने पूछा कि महंगाई में कितनी राहत मिलेगी। मंदी की मार झेल रहे लोगों के लिए क्या उपाय है। किसान को राहत मिलेगी या नहीं। किसानों को दोगुना आय का नारा दिया गया, कब आय दोगुना होगा। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलेगी या नहीं। अच्छी दवाई और अच्छी पढ़ाई के लिए कितना आवंटन है। बिजली के कारखाने पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। गड्ढों को भरने के लिए कितना पैसा खर्च किया गया है।

अखिलेश ने मोदी सरकार को भी घेरने की कोशिश की। कहा कि सपना एक ट्रिलियन डालर का दिखाया जाता है है। दिल्ली से पांच ट्रिलियन की बात होती है। विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था लेकिन जनता पांच किलो राशन पर निर्भर है। किसानों को पांच प्रतिशत लाभ नहीं। कर्मचारियों को पांच रुपए पेशन नहीं दे पा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को किराए में छूट के लिए पांच रुपए की व्यवस्था नहीं है। कई बार सवाल पूछा गया कि जब वन ट्रिलियन डालर का सपना जो दिखाया जा रहा है उसका रोड मैप क्या है। क्या एक अमेरिकी कंपनी के जरिए प्रचार से यह हासिल हो जाएगा।

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