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Hindi News उत्तर प्रदेशबिजली पर फैसले से अखिलेश यादव नाराज, बोले- हार से खफा भाजपा सरकार वोटरों से बदला लेने को उतारू

बिजली पर फैसले से अखिलेश यादव नाराज, बोले- हार से खफा भाजपा सरकार वोटरों से बदला लेने को उतारू

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिजली फीडर में बदलाव पर कहा कि लोकसभा चुनाव में अपनी हार से बौखलाई भाजपा सरकार प्रदेश के मतदाताओं को हर तरह से परेशान करके बदला लेने पर उतारू हो गई है।

बिजली पर फैसले से अखिलेश यादव नाराज, बोले- हार से खफा भाजपा सरकार वोटरों से बदला लेने को उतारू
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,लखनऊSun, 16 Jun 2024 09:15 PM
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में अपनी हार से बौखलाई भाजपा सरकार प्रदेश के मतदाताओं को हर तरह से परेशान करके बदला लेने पर उतारू हो गई है। राज्य के ग्रामीण इलाकों को मिलने वाली बिजली को महंगी करने की साजिश के तहत ग्रामीण फीडर को शहरी फीडर में बदलने से उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली महंगी मिलेगी। अखिलेश यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि इस फैसले से करीब 2 करोड़  85 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। ग्रामीण इलाकों में घरेलू उपभोक्ताओं को 3.35 रूपये यूनिट की दर से बिजली की कीमत चुकानी होती है जबकि शहरी इलाकों में यह कीमत 5.50 रूपए प्रतियूनिट है। जनता के साथ यह धोखा है।

सच तो यही है कि भाजपा को गांव-गरीब से कोई सहानुभूति नहीं है। वह पूंजी घरानों की हितचिंतक है। उसकी नीतियां सम्पन्न वर्ग को और सम्पन्न तथा गरीब को और गरीब बनाती है। भाजपा ने जनसामान्य की जिंदगी दूभर कर दी है। भीषण गर्मी के दिनों में लोगों का जीना हराम हो गया है। देश में विद्युत उपभोक्ता कानून 2020 लागू होने से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति पाने का हर उपभोक्ता अधिकारी हो गया है। ऐसे में ग्रामीण और शहरी आपूर्ति की दरों में बढ़ोŸारी नियम संगत कैसे हो सकती है? वैसे भी कानून के तहत ग्रामीण फीडर के शहरी फीडर में परिवर्तन की घोषणा का अधिकार मुख्यमंत्री  का है। पावर कारपोरेशन ने क्या मुख्यमंत्री  का अधिकार भी अधिग्रहित कर लिया है?

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गौरतलब है कि शहरी सीमा से लगे गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को अब शहरी दर पर बिजली का बिल देना होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निदेशक मंडल ने इस आशय का आदेश जारी किया है। शहरी सीमा से लगे वे ग्रामीण क्षेत्र जिसे शासन ने उच्चीकृत कर शहरी सीमा में लेने का फैसला लिया है, वहां के विद्युत फीडरों का ग्रामीण स्टेटस समाप्त कर शहरी फीडर घोषित करने का आदेश हुआ है। इन फीडरों से जुड़े सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं से शहरी दर से बिजली बिल की वसूली की जाएगी।

इस फैसले से लाखों की तादाद में ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता प्रभावित होंगे। पावर कारपोरेशन प्रबंधन के इस फैसले में वे सभी क्षेत्र आएंगे जिन्हें हाल के वर्षों में शासन ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत की सीमा में शामिल किया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि इन गांवों के साथ ही वे गांव भी इसकी जद में आएंगे जो शहरी सीमा में शामिल नहीं हैं लेकिन शहर से लगे हुए हैं और फीडर स्टेटस बदले जाने से वे शहरी फीडर का हिस्सा होंगे।