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मेन बजट का ही पैसा खर्च नहीं हुआ है तो और क्यों चाहिए- योगी के अनुपूरक बजट पर अखिलेश का सवाल

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने पूछा कि जब मेन बजट का पैसा ख्रर्च नहीं हुआ है तो और क्यों चाहिए। पूछा कि क्या आधे अधूरी योजनाओं का ही उद्धाटन करा दिया गया।

मेन बजट का ही पैसा खर्च नहीं हुआ है तो और क्यों चाहिए- योगी के अनुपूरक बजट पर अखिलेश का सवाल
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊFri, 01 Dec 2023 05:58 PM
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अनुपूरक बजट को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा किया। शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने पूछा कि जब मेन बजट का पैसा ख्रर्च नहीं हुआ है तो और क्यों चाहिए। अखिलेश ने कहा कि यह डबल स्टैंडर्ड की सरकार है। कहती कुछ है और करती कुछ है। डींगे मारने में सबसे आगे है। एक ट्रिलियन डॉलर इकोनामी का केवल सपना दिखा रही है। अखिलेश ने कहा कि जिन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो चुका है उसके लिए भी बजट आवंटित किया जा रहा है। अगर एक्सप्रेसवे अभी तक तैयार नहीं हुए हैं तो प्रधानमंत्री से उनका उद्धाटन क्यों कराया गया। पूछा कि क्या आधे अधूरे एक्सप्रेसवे का ही उद्घाटन करा दिया गया। 

अखिलेश ने कहा कि 400 करोड़ रुपए एक्सप्रेसवे के लिए अनुपूरक बजट में लिया गया। फिर प्रधानमंत्री ने क्यों उद्घाटन करा दिया गया है। जो सरकार कहती थी कि समाजवादी सरकार में बने एक्सप्रेसवे घाटे का है। वह अब बताएं कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे घाटे का है या फायदे का है। कहा कि मुख्यमंत्री को कई बार कहना पड़ रहा है कि सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। कब होंगी। क्या सड़कें गड्ढा मुक्त हो गईं। सबसे ज्यादा लखनऊ और कानपुर में गड्ढे दिखाई देंगे। जब लखनऊ में ही सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हुईं तो अन्य जिलों की क्या उम्मीद करें। और जो पैसा खर्च हुआ है, उस पर सरकार बताएगी कि पैसा कहां गया। 40 हजार करोड़ गड्ढा मुक्ति पर खर्च हो गया।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर साधा निशाना  
अखिलेश ने एक मैगजीन का हवाला देते हुए कहा कि यूपी आर्थिक मामलों में 18वें स्थान पर है। वित्तमंत्री से कहा कि आप क्यों मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं। सबसे प्रमुख पैरामीटर स्वास्थ्य के मानक पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में यूपी 19वें नंबर पर है। केवल प्रचार पर पैसा खर्च हो रहा है। जिन राज्यों ने ज्यादा सुधार किया उन राज्यों से सूची से ही यूपी बाहर हो गया है। अखिलेश ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को जानबूझकर सरकार बर्बाद कर रही है। सरकार चाहती है कि सरकारी की जगह प्राइवेट अस्पतालों में जाकर लोग इलाज कराएं। जब इतना बड़ा बजट दिया तो 170 करोड़ केवल स्वास्थ्य के बजट में रखा गया है। इस सरकार ने एक जिला अस्पताल भी नहीं बनाया। न ही पुराने जिला अस्पतालों का सुधार कराया। इसका परिणाम है कि गरीबों को प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। 

अखिलेश ने कहा कि पीजीआई, लोहिया, केजीएमयू जैसे अस्पतालों में मरीज धक्के खा रहे हैं। वहां दलाल मौजूद हैं। वह परेशान लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में लेकर चले जा रहे हैं। इस सरकार ने मंत्रियों की ड्यूटी अस्पतालों में लगाई। अखिलेश ने पूछा कि क्या सरकार पीपीपी मॉडल पर अस्पताल बना रही है। कहा कि यहां बैठे विधायक जानते होंगे कि अस्पतालों में इलाज के लिए भी उन्हें पैरवी करनी पड़ रही है। 

मेडिकल कॉलेज का इतना प्रचार किया जा रहा है लेकिन इनकी हालत बदहाल है। जौनपुर, आजमगढ़, लखीमपुर, मेरठ, सहारनपुर के मेडिकल कॉलेजों की क्या हालत है। आप बड़े बड़े पोस्टर बैनर लगा रहे हैं लेकिन मेडिकल कॉलेजों में इलाज क्यों नहीं मिल रहा है। योगी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि इनके पास जनता दर्शन में जाने वाले सबसे ज्यादा कैंसर के रोगी मदद के लिए जाते होंगे। इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जब सरकार एक डॉयरेक्टर नहीं नियुक्त कर पा रही तो कैसे इलाज देगी। सरकार के लोग प्राइवेट अस्पतालों का उद्घाटन कर रहे हैं।

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