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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशटूटे दिलों को कुंभ से पहले जोड़ेगा अखाड़ा परिषद, देव दीपावली पर परिषद करेगा कुम्भ की पहली बैठक

टूटे दिलों को कुंभ से पहले जोड़ेगा अखाड़ा परिषद, देव दीपावली पर परिषद करेगा कुम्भ की पहली बैठक

यूपी के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों को शुरू करने से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद टूटे दिलों को जोड़ने की कवायद शुरू कर रहा है। संत परंपरा को कायम रखते हुए प्रयास किया जा रहा है।

टूटे दिलों को कुंभ से पहले जोड़ेगा अखाड़ा परिषद, देव दीपावली पर परिषद करेगा कुम्भ की पहली बैठक
Srishti Kunjदेवेन्द्र देव शुक्ल,प्रयागराजFri, 30 Sep 2022 09:16 AM

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यूपी के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों को शुरू करने से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद टूटे दिलों को जोड़ने की कवायद शुरू कर रहा है। संत परंपरा को कायम रखते हुए प्रयास किया जा रहा है कि मेले के दौरान दो धड़ों में बंटा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एक बार फिर एक मंच पर आ जाए। कुंभ की तैयारियों को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद देव दीपावली के आसपास पहली बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में यही प्रयास है कि सभी 13 अखाड़े एक साथ हो जाएं। जो प्रस्ताव तैयार हो वो सभी की सहमति से हो। 

बीते साल 20 सितंबर को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के कैलाशवास के बाद परिषद दो धड़ों में बंट गया था। एक धड़े ने नए सिरे से अध्यक्ष चुनाव की बात कही तो दूसरे धड़े ने नियमानुसार निरंजनी अखाड़े से अध्यक्ष होने की बात का हवाला देते हुए उसी कार्यकारिणी को कार्यकाल तक बढ़ाने का निर्णय लिया। सात-सात अखाड़ों के एक साथ होने की बात कहकर नया दो अध्यक्ष और महामंत्री बनाए गए। लगभग एक साल के विवाद के बाद अब नए सिरे से अखाड़ों को जोड़ने की तैयारी शुरू हो रही है। 

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी का कहना है कि हमारा यही प्रयास है कि सभी एक साथ रहें। दूसरे पक्ष के सचिव निर्मोही अनि अखाड़े के महंत राजेंद्र दास भी आपसी एकता की बात से सहमत हैं। उनका कहना है कि जिस वक्त अखाड़े दो धड़ों में बंटे तो मानहानि हुई थी। अगर मान सम्मान के साथ हमें एक मंच पर आने की बात कही जाती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। 

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