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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशआज तय होगा अखाड़ा परिषद का नया अध्‍यक्ष, एक करोड़ का ऑफर ठुकराने वाले महंत रविन्‍द्रपुरी के नाम पर लग सकती है मुहर, जानें क्‍या है विवाद

आज तय होगा अखाड़ा परिषद का नया अध्‍यक्ष, एक करोड़ का ऑफर ठुकराने वाले महंत रविन्‍द्रपुरी के नाम पर लग सकती है मुहर, जानें क्‍या है विवाद

वरिष्‍ठ संवाददाता ,प्रयागराज Ajay Singh
Mon, 25 Oct 2021 07:55 AM
आज तय होगा अखाड़ा परिषद का नया अध्‍यक्ष, एक करोड़ का ऑफर ठुकराने वाले महंत रविन्‍द्रपुरी के नाम पर लग सकती है मुहर, जानें क्‍या है विवाद

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के चलते खाली हुए अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष पद पर आज किसी नए नाम का चुनाव कर लिया जाएगा। इसमें सबसे आगे महंत रविन्‍द्रपुरी का नाम चल रहा है जिन्‍होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान अखाड़ों में व्‍यवस्‍था के लिए सरकार से एक करोड़ रुपए का ऑफर ठुकरा दिया था। 

महंत रवि‍न्‍द्रपुरी, हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत रविंद्र पुरी महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव हैं। 35 साल पहले संन्यास लेकर वे महानिर्वाणी अखाड़े में शामिल हुए थे। रविंद्र पुरी 1998 के कुंभ मेले के बाद अखाड़े की कार्यकारिणी में शामिल हुए। 2007 में उन्हें अखाड़े का सचिव बनाया गया था। बताया जाता है कि महंत नरेन्‍द्र गिरि ने सभी अखाड़ों में व्‍यवस्‍था के लिए एक करोड़ रुपए अखाड़ों को दिलवाए थे लेकिन महंत रविन्‍द्र पुरी ने महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से सरकार का एक करोड़ रुपए का ऑफर ठुकरा दिया था। 

11 बजे निरंजनी अखाड़े में होगी बैठक 

सोमवार को दिन में 11 बजे निरंजनी अखाड़ा दारागंज में परिषद की बैठक होगी। बैठक में शामिल होने के लिए अखाड़ों के साधु-संत प्रयागराज पहुंच गए हैं। हालांकि नए अध्यक्ष के नाम के लिए रविवार देर रात तक मंथन चला। बैठक के बाद परिषद प्रयागराज से नए अध्यक्ष का ऐलान करेगा।

नया मोड़ ले सकता है अखाड़ों का विवाद 

महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद खड़ा हुआ अखाड़ों का विवाद सोमवार को नया मोड़ ले सकता है। हरिद्वार में संतों के एक धड़े ने परिषद का चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। जबकि परिषद महामंत्री महंत हरिगिरि ने पहले ही प्रयागराज में 25 अक्तूबर को बैठक का ऐलान किया था। हरिद्वार बैठक में सात अखाड़े एक साथ आए थे। अब प्रयागराज की बैठक रोचक होगी। इस वक्त 13 अखाड़ों में सात एक ओर हैं, जबकि छह अखाड़े एक साथ सोमवार की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में निर्मल अखाड़े के साथ आने की संभावना है। ऐसे में प्रयागराज की बैठक में भी सात अखाड़े हो जाएंगे। बहुमत का आधार दोनों बैठकों में एक साथ देखा जाएगा। बताया जा रहा है कि सत्ता में रसूख रखने वाले निर्मल अखाड़े के संत व नेता लगातार प्रयागराज में होने वाली बैठक का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में निर्मल अखाड़े का जो धड़ा प्रयागराज की बैठक का विरोध कर रहा है वो साथ आ सकता है। साथ ही दो उदासीन अखाड़ों में भी एक नया उदासीन पर भी निगाहें टिकी हैं। अगर नया उदासीन के पदाधिकारी प्रयागराज की बैठक में साथ आ गए तो यहां पर आठ अखाड़ों का समर्थन होगा। जो अध्यक्ष होगा उसे आठ अखाड़ों का समर्थन मिलेगा। इसके साथ ही महानिर्वाणी अखाड़े के साधु संत भी सोमवार की बैठक में शामिल हो सकते हैं। बैठक में शामिल होने के लिए परिषद महामंत्री महंत हरिगिरि सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंच गए। जबकि दोपहर बाद हरिद्वार से निरंजनी अखाड़े के सचिव प्रयागराज आ गए हैं। शाम छह बजे तक बैठक में शामिल होने वाले सदस्य प्रयागराज पहुंच गए। सभी संतों ने बैठक भी की है।

सबसे ऊपर है महंत रविन्‍द्रपुरी का नाम 

अखाड़े की परंपरा के अनुसार जिस अखाड़े के संत का निधन होता है और वह परिषद में पदाधिकारी होता है तो उस अखाड़े से जो नाम दिया जाता है उसे ही उस पद पर कार्यकाल पूरा होने तक बैठाया जाता है। इसके अनुसार अध्यक्ष पद के अगले दावेदार के रूप में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी का नाम सबसे ऊपर है। निरंजनी अखाड़ा परिसर दारागंज में बैठक होने के कारण भी इसे संकेत माना जा रहा है। वहीं जूना अखाड़े के सभापति महंत प्रेम गिरि भी जूना अखाड़े से अध्यक्ष बनाने की बात कह चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह उस स्थिति में कहा था जब पूरा परिषद भंग हो जाए। पुरानी कार्यकारिणी चलने की दशा में नहीं। ऐसे में महंत रविंद्रपुरी के नाम का ऐलान सोमवार की बैठक में हो सकता है। इस बारे में पूछने पर परिषद महामंत्री महंत हरिगिरि ने कहा कि यह चिंतन का विषय है। बैठक में जिसका नाम सर्वसम्मति से पारित होगा, उसे ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
 

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