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11 अप्रैल, 2020|12:54|IST

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यूपी: नेपाल ने फिर छोड़ा 3,28,687 क्यूसेक पानी, खतरा बढ़ा

Flood

तीन जिलों में बाढ़ की स्थित गंभीर बनी हुई है। वहीं बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गोण्डा में घाघरा अपना विकराल रूप दिखा सकती है। बलरामपुर में पहाड़ी नालों की बाढ़ से भारी तबाही हुई है। सीतापुर में शारदा व घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कटान जारी है। 

गोण्डा के करनैलगंज क्षेत्रमें सोमवार की सुबह से ही घाघरा व सरयू से जुड़े बैराजों में बढ़े पानी के डिस्चार्ज ने शाम तक गंभीर रुख अख्तियार कर लिया। केन्द्रीय जल आयोग संस्थान एल्गिन ब्रिज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सोमवार की शाम तक 3 लाख 28 हजार 687 क्यूसेक पानी बैराजों से छोड़ा जा चुका है। इससे ऊफनाई घाघरा और तबाही मचा सकती है, क्योकि तीन तीन जगहों से बांध पहले से ही कटा हुआ है। इधर सोमवार को ऊफनाई सरयू ने करीब तीन गांवों के 2 दर्जन मजरों को चपेट में ले चुकी है। करनैलगंज बाजार से जुड़े नरायनपुर मांझा के करीब एक दर्जन मजरे सोमवार की शाम तक प्रभावित हो चुके हैं।  जानकारों की माने तो सोमवार की शाम में छोड़ा गया 3 लाख 28 हजार 687 क्यूसेक पानी मंगलवार की शाम तक यहां अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर सकता है। 

बलरामपुर में पहाड़ी नाले की बाढ़ ने फिर मचाई तबाही
लगातार हो रही वर्षा से बलरामपुर में पहाड़ी खरझार नाले की बाढ़ ने 20 दिनों में आठवीं बार तराई क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि दो दर्जन से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। बाढ़ से आधा दर्जन मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। बनकटवा, मैटहवा, शांतिपुरवा व विजईडीह गांव के दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। शांतिपुरवा व मैटहवा गांव में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार शाम तीन बजे खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर नीचे 104.39 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। हालांकि केन्द्रीय जल आयोग के अनुमान के अनुसार रात आठ बजे तक नदी का जलस्तर घटने लगेगा। 

सीतापुर के रेउसा क्षेत्र में गत तीन दिनों से हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के चलते घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। वहीं कटान भी तेज हो गई है। ग्राम पंचायत गौलोक कोडर के कोनी गांव के सात घर नदी में समा गए। वहीं कटान में 42 बीघा कृषि योग्य भूमि कटकर नदियों में समा गई। इस वर्ष कोनी गांव के करीब 35 घर समा गए। वहीं नगीनापुरवा में भी कटान जारी है।

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  • Web Title:again Nepal leaves more than three lakhs cusec water threatens to increase flood in uttar pradesh