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Hindi News उत्तर प्रदेशअफजाल की बेटी नुसरत का पर्चा खारिज, सपा के सिंबल पर नहीं लड़ सकेंगी चुनाव

अफजाल की बेटी नुसरत का पर्चा खारिज, सपा के सिंबल पर नहीं लड़ सकेंगी चुनाव

गाजीपुर लोकसभा सीट पर अफजाल की बेटी नुसरत का पर्चा खारिज हो गया है। अब सपा के सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। अब वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगीं।

अफजाल की बेटी नुसरत का पर्चा खारिज, सपा के सिंबल पर नहीं लड़ सकेंगी चुनाव
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,गाजीपुरThu, 16 May 2024 08:08 AM
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गाजीपुर में लोकसभा चुनाव-2024 में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच के बाद 25 प्रत्याशियों में से 14 उम्मीदवारों के नामांकन फार्म में कमी मिलने पर उसे खारिज कर दिया गया। खारिज किए गए प्रत्याशियों के साथ ही वैध प्रत्याशियों की सूची निर्वाचन कार्यालय में चस्पा कर दी गई है। सपा से विकल्प प्रत्याशी के तौर पर नुसरत अंसारी का पर्चा अवैध घोषित हो गया। हालांकि नुसरत अंसारी की ओर से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर दाखिल नामांकन फार्म सही पाया गया है। अब वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगीं।

जिला निर्वाचन अधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि सात से 14 मई तक चले नामांकन प्रक्रिया में कुल 25 प्रत्याशियों ने 38 सेट में नामांकन फार्म दाखिल किया था। इसमें से जांच के बाद 11 प्रत्याशियों को वैध घोषित किया गया है। जिसमें तीन मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल भारतीय जनता पार्टी से पारसनाथ राय, बहुजन समाज पार्टी से उमेश कुमार सिंह और समाजवादी पार्टी से अफजाल अंसारी प्रत्याशी हैं। इसके अलावा विश्व कल्याण राष्ट्रीय समाज पार्टी से अजय, युग तुलसी पार्टी से आदित्य श्रीवास्तव, भारतीय लोकवाणी पार्टी से धनंजय कुमार तिवारी, जन जनवादी पार्टी से रामचरन पुत्र रामराज और मौलिक अधिकार पार्टी से रामप्रेवश उम्मीदवार हैं। इसके अलावा अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी, सत्यदेव यादव और ज्ञानचन्द बिन्द निर्दल प्रत्याशी हैं।

स्वत रद्द हो जाता है पर्चा 

अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी ने सपा के विकल्प प्रत्याशी के तौर पर दो सेट में और दो सेट में निर्दल प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद नुसरत का सपा के विकल्प प्रत्याशी के तौर पर पर्चा रद्द हो गया। जिला निर्वाचन अधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि चुनाव आयोग के नियमानुसार जब किसी भी पार्टी के मुख्य प्रत्याशी का पर्चा वैध पाया जाता है तो विकल्प प्रत्याशी का पर्चा स्वत ही खारिज हो जाता है। नुसरत अंसारी के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।
 

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