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साढ़े तीन साल की लड़ाई के बाद महिला को मिला बेटी का शव, पुलिस ने करवाया अंतिम संस्कार

साढ़े तीन साल तक बेटी के शव के लिये लड़ाई लड़ने वाली वृद्धा आखिरकार जीत गई और बेटी का शव उनको सौंप दिया गया। हैरान कर देने वाली ये थी कि पोस्मार्टम हाउस में रखे सरकारी फ्रिज में युवती का शव कंकाल....

साढ़े तीन साल की लड़ाई के बाद महिला को मिला बेटी का शव, पुलिस ने करवाया अंतिम संस्कार
Dinesh Rathourहिन्दुस्तान,जसंवतनगर। इटावाThu, 01 Feb 2024 05:28 PM
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साढ़े तीन साल तक बेटी के शव के लिये लड़ाई लड़ने वाली वृद्धा आखिरकार जीत गई और बेटी का शव उनको सौंप दिया गया। हैरान कर देने वाली ये थी कि पोस्मार्टम हाउस में रखे सरकारी फ्रिज में युवती का शव कंकाल बन गया। बुधवार की शाम को पुलिस ने गांव के ही रहने वाले युवती के परिवार को बुलाकर गांव के बाहर अंतिम संस्कार करवा दिया। युवती के शव की शिनाख्त न होने के चलते और एक परिवार द्वारा युवती को अपनी बेटी बताने के चक्कर में इतने समय तक शव को सुरक्षित रखा गया था। तीसरी बार हुये टेस्ट में युवती की डीएनए जांच में गांव के ही रहने वाली महिला भगवानदेवी से मैच होने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। 

जसवंतनगर क्षेत्र के के चक सलेमपुर गांव की रहने वाली रीता नाम की 22 वर्षीय युवती 19 सितंबर 2020 को लापता हुई थी। रीता की 7 दिन बाद गोदभराई होनी थी। इसी बीच वह लापता हो गयी थी लेकिन 26 सितंबर को गांव के एक खेत में उसका क्षतविक्षत शव बरामद हुआ था। उसकी मां भगवानदेवी ने शव के पास मिले कपड़े व चप्पल से शव रीता का होने का दावा किया था और हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने डीएनए कराने के बाद शव देने को कह दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में रखवाकर शव का डीएनए डेढ़ साल बाद जांच को भेजा था, लेकिन रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आ सकी। इसके बाद शव को पुलिस परिजनों के साथ लखनऊ लैब लेकर गयी और डीएनए जांच करायी।

बाद में रिपोर्ट आयी तो डीएनए परिवार से मैच न होने की बात कही। लेकिन परिजन बार बार शव रीता का होने का दावा करते रहे। इसके चलते शव वहीं रखा रहा और कंकाल बन गया। शव रखा होने की बात जहां पुलिस भूल चुकी थी वहीं परिजन भी न्याय की आश लगाये लगाये थक चुके थे। लेकिन अक्टूबर 2023 में मामले ने तूल पकड़ा। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वत संज्ञान लिया और पुलिस से पूरी रिपोर्ट तलब की। हाईकोर्ट की गंभीरता देखकर जिला पुलिस ने परिजनों को बुलाकर फिर से डीएनए जांच कराने को सैंपल भेजा। जिसकी मंगलवार को रिपोर्ट आयी, रिपोर्ट में मृतक युवती का डीएनए उसकी मां मीनादेवी से मैच कर गया। इस पर पुलिस ने बुधवार की शाम को शव को पोस्टमार्टम से ले जाकर गांव में परिजनों को बुलाकर सौंप दिया और अपने ही सामने अंतिम संस्कार कराया। 

मां ने गांव की युवती पर लगाया था बेटी की हत्या की आरोप

मृतक रीता की मां भगवान देवी ने गांव के ही रामकुमार नाम के एक युवक समेत चार के खिलाफ बेटी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज भी की थी लेकिन शव को अज्ञात में ही दर्ज बनाये रखा, इससे जांच करके फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अब जबकि स्पष्ट हो गया कि शव रीता का था तो अब परिजन फिर से जांच की मांग करने लगे हैं। मृतका के भाई सौरभ ने बताया कि अब वे बहन के कातिलों को सजा दिलाना चाहते हैं।

युवती की मां बोली साढ़े तीन साल बाद जीती लड़ाई

साढ़े तीन साल तक अपनी ही बेटी के शव को पाने के लिये दर दर भटक रही मां भगवानदेवी ने अब चैन की सांस ली है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान समाचारपत्र ने उनका साथ दिया और समाचार प्रकाशित किये, इस पर ही फिर से डीएनए जांच हुयी और रिपोर्ट में उनका डीएनए शव से मैच हुआ है। तब पुलिस ने शव जो अब कंकाल बन चुका है को सौंप दिया। परिजनों ने गांव के बाहर पुलिस के सामने ही अंतिम संस्कार किया। 

कब कब भेजा गया सैंपल 

सबसे पहले जनवरी 2022 को डीएनए जांच को सैंपल भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट मार्च 2022 में आयी। लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इस पर 18 अगस्त 2022 को शव को परिजनों के साथ पुलिस लखनऊ लैब लेकर गयी। लगभग 11 माह बीत गए। 10 जुलाई 2023 को आई रिपोर्ट भी परिजनों से नही मिल सकी। परिजनों ने जब अधिकारियों के कार्यालयों की परिक्रमा की तब बताया गया कि डीएनए मैच नहीं हुआ। उसके बाद अक्टूबर 2023 में फिर से डीएनए रिपोर्ट के लिये सैंपल भेजा गया। इसकी रिपोर्ट 30 जनवरी को आयी। इसमें युवती की मां से उसका डीएनए मैच हुआ। 

एसएसपी इटावा संजय वर्मा का कहना है कि युवती के शव का डीएनए परिजनों से मैच किया है। इसलिये परिजनों को सौंपकर अंतिम संस्कार कराया गया है। परिजन इस मामले में आगे कोई कार्रवाई चाहेंगे तो की जायेगी। डीएनए जांच की रिपोर्ट स्पष्ट न आने के कारण ही शव को इतने दिनों तक रखा गया था। जब जिले में आये और इसकी जानकारी हुयी तब डीएनए जांच करायी। 

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