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लोकसभा चुनाव के बाद अब नए मिशन पर मायावती, दूसरे राज्यों में भी दांव आजमाएगी बसपा

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब बसपा प्रमुख मायावती नए मिशन पर निकल पड़ी हैं। मायावती का ये मिशन कुछ और नहीं बल्कि यूपी समेत दूसरे राज्यों में होने वाले उपचुनाव हैं।

लोकसभा चुनाव के बाद अब नए मिशन पर मायावती, दूसरे राज्यों में भी दांव आजमाएगी बसपा
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊSun, 23 Jun 2024 07:45 PM
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लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब बसपा प्रमुख मायावती नए मिशन पर निकल पड़ी हैं। मायावती का ये मिशन कुछ और नहीं बल्कि यूपी समेत दूसरे राज्यों में होने वाले उपचुनाव हैं। बसपा अब उपचुनाव में भी दांव आजमाएगी। इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उपचुनाव की तैयारियों में जुटें। उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त हुई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए तैयारियां शुरू करें। उम्मीदवारों के चयन के लिए नामों का पैनल अभी से तैयार करने शुरू कर दिए जाएं, जिससे समय रहते अच्छे उम्मीदवार उतारे जा सकें।

चंद्रशेखर भाजपा-सपा के एजेंट

बसपा सुप्रीमो मायावती ने बैठक में निर्देश दिया है कि इस बार उपचुनाव मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। यहां बता दें कि बसपा अमूमन उपचुनावों से दूरी बनाकर रहती है, लेकिन अब उसने भी उपचुनावों में उम्मीदवारों को उतारे का फैसला किया है। बसपा सुप्रीमो ने चंद्रशेखर आजाद को भाजपा, कांग्रेस व सपा का एजेंट बताया है। उन्होंने कहा कि नगीना लोकसभा सीट पर इन तीनों पार्टियों ने मिलकर कमजोर उम्मीदवार दिए जिससे चंद्रशेखर आजाद चुनाव जीत गया।

सदस्यता शुल्क 50 रुपये किया

मायावती ने संगठन को मजबूत करने के लिए बसपा सदस्यता शुल्क 200 रुपये से घटाकर 50 रुपये कर दिया है। उन्होंने कोआर्डिनेटरों और जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि सदस्य बनाने का अभियान तेज किया जाए। इसके साथ ही गांव-गांव कॉडर कैंप फिर से शुरू किया जाए। पार्टी से युवाओं को जोड़ा जाए।

जोन में अब तीन-तीन मंडल

बसपा सुप्रीमो ने संगठन में अधिक से अधिक पदाधिकारियों को समायोजित करने के लिए हर हर जोन में अब तीन-तीन मंडल कर दिए हैं। पहले कुछ जोनों में चार तो कुछ में पांच मंडल रखे गए थे। प्रदेश को छह जोन तो पूर्ववत ही रहेगा, लेकिन तीन-तीन मंडलों की जिम्मेदारी कोआर्डिनेटरों को दी गई है।