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20 नवंबर, 2020|5:11|IST

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यूपी : हाथरस के बाद क्या इस केस की जांच करेगी सीबीआई, उपभोक्ता परिषद ने उठाई मांग 

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यूपी में स्मार्ट मीटर खरीद की धांधली की सीबीआई जांच की मांग उपभोक्ता परिषद ने की है। परिषद ने कहा है कि पिछले पांच सालों में करीब 2500 करोड़ रुपये के स्मार्ट मीटर खरीदे गए। परिषद ने कहा है कि जांच में कई चौकाने वाले खुलासे होंगे। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जन्मास्टमी को स्मार्ट मीटर बत्ती गुल प्रकरण भार जंपिंग मीटर रीडिंग जंपिंग के बाद अब 10 सदस्यीय यूएटी टेस्ट तीन माह में करने के लिए प्रबंध निदेशक मध्यांचल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई, जो जांच में लगी है। अब सवाल यह उठता है कि यूएटी कार्यवाही पहले बिना किए स्मार्ट मीटर लगाने का काम क्यों शुरू कराया गया और अनेकों जांच रिपोर्ट आने के बाद भी आज तक किसी दोषी अभियंता पर ही कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

इतना ही नहीं मीटर निर्माता कंपनी को ही ब्लैकलिस्ट भी नहीं किया गया। इसीलिए पिछले पांच सालों में प्रदेश में खरीदे गए करीब 2000 हजार करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक मीटर व लगभग 500 करोड़ के 12 लाख स्मार्ट मीटर व एमडीएम की  सीबीआई जांच करा ले तो स्वत: बड़े रैकेट का खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह सौभाग्य मीटर उपभोक्ताओं के यहां लगने के लिए पावरटेक मीटर कंपनी से  खरीदा गया। इसमें भी बड़ी तकनीकी कमियां सामने आई थीं और बड़े पैमाने पर रीडिंग  व भार जंपिंग आ रही थी। उपभोक्ता परिषद के विरोध पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने तत्काल प्रभाव से पावर टेक मीटर लगाने पर रोक लगाई गई। उपभोक्ता परिषद ने कहा सौभगाय में और भी जिन कंपनियों के मीटर खरीदे गए है तत्काल उनकी जांचच कराकर उसे भी उतरवाया जाए।
 

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  • Web Title:After Hathras will CBI investigate this case consumer council raises demand