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24 मई, 2020|8:35|IST

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लॉकडाउन में रोजी-रोटी का संकट झेल रहे नेपाली युवाओं ने किया गांव का रूख  

कोरोना महामारी के कारण देशभर में प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। वहीं भारत में रोजी-रोटी का संकट झेल रहे नेपाली युवा भी अपने गांव का रूख करने को मजबूर हो गए हैं। होटल व रेस्टोरेंट में काम करने वाले नेपाली युवा लखनऊ के रास्ते लगातार नेपाल जा रहे हैं। शनिवार को अहमदाबाद, सूरत से करीब 50 नेपाली युवाओं का एक दल शंकुतला मिश्रा विश्वविद्यालय पहुंचा। इस दौरान सभी की थर्मल स्कैनिंग की गई। इसके बाद परिवहन विभाग की बस द्वारा बहराइच के लिए रवाना किया गया। जहां से उन्हें भारत-नेपाल बार्डर पर छोड़ा जाएगा।

नेपाली युवा बहादुर राम, कृपाशंकर, बतसाल ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी होटल और रेस्टोरेंट बंद हो गए। कुछ दिन तो किसी तरह गुजर गए, लेकिन धीरे-धीरे जेब में पैसा खत्म हो गया। खाने-पीने की किल्लत होने लगी। होटल मालिक ने भी मदद करने से मना कर दिया। कोरोना लॉकडाउन कब तक रहेगा। कुछ पता नहीं है। ऐसे में घर जाने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है।

सभी की थर्मल स्कैनिंग की गई
शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय पहुंचते ही सबसे पहले सभी नेपाली युवाओं की थर्मल स्कैनिंग की गई। इसके बाद सभी को भोजन के पैकेट व पानी की बोतल दी गई। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा जैसे ही बहराइच जाने वाली बस का घोषणा की गई। बस में बैठने के लिए मारामारी मच गई। किसी ने भी सोशल डिस्टेसिंग
का पालन नहीं किया।

भारत-नेपाल संबंध सदियों पुराना, दोबारा आएंगे भारत
नेपाली युवा दमदार ने बताया कि नेपाली युवा दमदार ने बताया कि भारत-नेपाल का संबंध सदियों पुराना है। लॉकडाउन हटते ही दोबारा काम की तलाश में भारत आयेंगे।

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  • Web Title:after facing job and food crisis Nepalese youths returns home in lockdown