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UP: आगरा से लखनऊ जा रही एंबुलेंस का खत्म हुआ ऑक्सीजन, बच्चे की मौत

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तीन दिन के मासूम को आगरा से लखनऊ पीजीआई ले जा रही प्राइवेट एंबुलेंस में रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गई। इससे मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद ड्राइवर एंबुलेंस को रामबाग फ्लाईओवर पर छोड़कर भाग गया।

शिकोहाबाद थाना के गांव उतरई निवासी संजीव यादव ने पत्नी प्रीता यादव को प्रसव पीड़ा होने पर न्यू आगरा स्थित पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 16 अप्रैल को प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ थी। दूसरे दिन परिजनों ने बच्चे को न्यू आगरा क्षेत्र में ही हेरीटेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शुक्रवार को बच्चे की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर ने लखनऊ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया।

संजीव ने बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ के कहने पर उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस बुक की। ड्राइवर को पहले ही बच्चे की गंभीर स्थिति के बारे में बता दिया था। उसने कहा था कि एंबुलेंस में सभी सुविधाएं हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस पर करीब 30 किमी दूर पहुंचते ही एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। ड्राइवर ने लखनऊ की जगह आगरा की ओर गाड़ी मोड़ ली। ऑक्सीजन खत्म होने से रास्ते में बच्चे की सांसें थम गई। रामबाग फ्लाईओवर पर एंबुलेंस खड़ी कर ड्राइवर भाग गया। इससे आक्रोशित परिजनों ने रामबाग चौराहे पर हंगामा किया। पुलिस पहुंच गई। एंबुलेंस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार ने तहरीर दी है।

आगरा में नहीं बच्चा वेंटीलेटर एंबुलेंस
जिले में 650 से अधिक अस्पताल हैं। 750 से अधिक प्राइवेट एंबुलेंस हैं। 70 सरकारी एंबुलेंस हैं। गंभीर हालत में नवजात बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पूरे शहर में एक भी बच्चा वेंटीलेटर युक्त एंबुलेंस नहीं हैं। ऐसे में अक्सर रास्ते में मासूमों की मौत हो जाती है। जिले में व्यस्कों के लिए दो वेंटीलेटर युक्त सरकारी एंबुलेंस हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि इस तरह की सूचना नहीं मिली। किसकी एंबुलेंस थी। किस अस्पताल के नाम थी। आरटीओ से जांच कराई जाएगी। दो सदस्यीय जांच कमेटी बना रहे हैं।

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  • Web Title:A child died after oxygen in ambulance finished while going Agra to Lucknow PGI