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25 नवंबर, 2020|10:34|IST

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UP में 590 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 7.60 लाख प्रवासी मजूदर वापस आए

awanish awasthi

उत्तर प्रदेश में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों को लेकर सोमवार तक 590 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां आ चुकी हैं। इनके जरिए आठ-नौ दिन में 7.60 लाख से अधिक कामगार गृह प्रदेश पहुंचे हैं। अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक प्रदेश में वापस लाने के निर्देश दिए हैं। अब तक प्रदेश में 590 रेलगाड़ियां आ चुकी हैं और आठ-नौ दिन में रेलगाड़ियों से सात लाख 60 हजार से अधिक कामगार प्रदेश में पहुंच चुके हैं।

अवस्थी ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए 12 हजार बसें लगायी गई हैं। प्रत्येक जिले में 200 निजी बसें उपलब्ध कराई गई हैं, ऐसे में श्रमिकों को पूरी सहूलियत मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर रात में सघन गश्त के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एवं परिवहन आयुक्तों व अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्य मार्गों पर रात में सघन गश्त की जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को पीआरवी-112 के जरिए भी गश्त के निर्देश दिए।

योगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे बसों को संक्रमण मुक्त करें। चालक एवं परिचालक को दस्ताने एवं मास्क मुहैया करायें। यात्रियों के लिए सेनेटाइजर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जितने भी कामगार और श्रमिक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं, पूरी व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को बस से भेजने के लिए धनराशि भी स्वीकृत की है इसलिए किसी भी प्रवासी कामगार से यात्रा के लिए धनराशि न ली जाए। राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों को रेलगाड़ी से प्रदेश में निःशुल्क ला रही है।

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संक्रमण की जांच क्षमता दस हजार करने के निर्देश दिए। साथ ही कोविड अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या एक लाख तक करने के लिए कहा है।फिलहाल 60 हजार बिस्तर इन अस्पतालों में हैं। योगी ने कहा कि पृथकवास केंद्र तथा सामुदायिक रसोईघर की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। इनमें साफ-सफाई तथा सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। सामुदायिक रसोईघर के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की जाए। सभी जरूरतमंदों को सामुदायिक रसोईघर से भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोने पाए। ग्रामीण व शहरी इलाकों में गठित निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा निगरानी समितियों के सदस्यों से संवाद कर इनके द्वारा किए जा रहे निगरानी कार्य पर नजर रखा जाए।

उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पृथकवास केंद्र में यह उपकरण अवश्य हो। उन्होंने कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर उपयोग में आसान ऐसा उपकरण है जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति में ऑक्सीजन का स्तर पता किया जा सकता है।निर्धारित प्रतिशत से कम ऑक्सीजन वाले व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है। इसकी मदद से कोरोना संदिग्धों की पहचान आसान होगी।

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  • Web Title:7 Lakh 60 Thousand Migrant Workers Return From 590 Shramik Special Trains In Uttar Pradesh Said Awanish Awasthi