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UP Constable Exam: सिपाही भर्ती परीक्षा में अब तक 122 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा एटा में पकड़े गए सॉल्वर

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे 122 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें सॉल्वर गैंग के सदस्य भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 15 एटा से पकड़े गए हैं।

UP Constable Exam: सिपाही भर्ती परीक्षा में अब तक 122 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा एटा में पकड़े गए सॉल्वर
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,लखनऊSat, 17 Feb 2024 09:56 PM
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पुलिस में सिपाही के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 2385 केंद्रों पर आयोजित लिखित परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश में पिछले तीन दिनों में 122 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें सॉल्वर गैंग के सदस्य भी शामिल हैं। परीक्षा की शुचिता एवं पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त अभियान में यह गिरफ्तारी की गई। परीक्षा में कहीं भी कोई गड़बड़ी होने की सूचना नहीं मिली है। यह परीक्षा रविवार को भी दो पालियों में होगी।  

डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 15 फरवरी से लेकर 17 जनवरी को दोपहर 4.30 बजे तक 14 जिलों से कुल 122 लोग गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए हैं। परीक्षा के पहले दिन शनिवार को कुल 96 लोग गिरफ्तार किए गए, जिसमें सबसे ज्यादा 15 लोग शनिवार को एटा जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र से नौ और आजमगढ़ के कंधरापुर से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 16 फरवरी को आठ लोग गाजीपुर से नोनहरा थाना क्षेत्र से और छह लोग मऊ जिले के कोतवाली नगर व कोपागंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए थे। वाराणसी कमिश्नरेट व आगरा कमिश्नरेट ने एसटीएफ के साथ संयुक्त अभियान में 16 फरवरी को ही दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को हाथरस पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर कोतवाली नगर थाना क्षेत्र से तीन लोगों को तथा कानपुर कमिश्नरेट व एसटीएफ ने हनुमंत विहार थाना क्षेत्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया। फिरोजाबाद जिले की पुलिस ने उत्तर थाना क्षेत्र से चार तथा जौनपुर पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र से पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

वाराणसी में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए मुन्ना भाई

वाराणसी में शनिवार की सुबह पहली पाली में अलग-अलग केंद्रों पर पांच सॉल्वर पकड़े गए। राजातालाब, बड़ागांव, चितईपुर, रोहनिया में बने सेंटरों पर दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते इन्हें हिरासत में लिया गया। वहीं मिर्जापुर में फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर बेचने वाले गिरोह से जुड़े तीन व दो सॉल्वरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह जौनपुर में पांच आरोपियों को सेंटर से मिली शिकायत के आधार पर पकड़ा गया। इसमें चार पर अफवाह फैलाने का आरोप है। वे पेपर लीक होने की सोशल मीडिया पर फर्जी सूचना दे रहे थे। इधर, मऊ में प्रथम पाली के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी समेत चार शातिर धरे गए हैं। इनके पास से कई फर्जी एडमिट कार्ड, 13 हजार नगदी, चार चारपहिया भी बरामद हुए। आजमगढ़ में दो सेंटरों से दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे बिहार निवासी दो युवकों को पकड़ा गया। दोनों बायोमैट्रिक जांच के दौरान चिन्हित हुए। उधर, बलिया में पुलिस भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए पैसा लेने वाले एक शातिर को पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास अभ्यर्थियों से वसूले गए नौ लाख रुपये, 13 प्रवेशपत्रों की फोटो कॉपी,चार फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। 

प्रयागराज में भी सेंधमारी लगाने की कोशिश, 9 गिरफ्तार

यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रयागराज में भी सेंधमारी की तैयारी थी। गनीमत रही कि क्राइम ब्रांच ने 5 सॉल्वर और 4 अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 16 एडमिट कार्ड, 4 ब्लूटूथ डिवाइस, 4 वाइस रिसीवर, 80 हजार रुपये, कार और सात मोबाइल बरामद हुए हैं। झूंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पांचों सॉल्वर को शनिवार को जेल भेज दिया। वहीं गैंग से जुड़े 3 लोगों को पुलिस ने वांछित किया है। पकड़े गए सॉल्वर गिरोह के सभी सदस्य प्रयागराज के ही हैं वहीं पुलिस ने चारों अभ्यर्थियों के नाम का खुलासा नहीं किया है। 

डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने 16 फरवरी को झूंसी पुलिस के साथ मिलकर सॉल्वर गैंग का खुलासा किया। पुलिस ने गैंग के सरगना विजयकांत पटेल, विकास कुमार, निगम पटेल, विजय बहादुर यादव और मनीष पटेल को गिरफ्तार कर लिया। इनके साथ चार अभ्यर्थी भी पकड़े गए। पुलिस ने बताया कि शनिवार और रविवार को होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल कराने की तैयारी थी। विजयकांत पटेल समेत गैंग के अन्य सदस्यों ने सभी अभ्यर्थियों से दस-दस लाख रुपये में सिपाही भर्ती पास कराने का ठेका लिया था। परीक्षा से पूर्व 50-50 हजार रुपये एडवांस लिए गए थे। परीक्षा में नकल कराने के लिए अभ्यर्थियों को हाईटेक ब्लूटूथ डिवाइस और एक रिसीवर दिया गया था। जिसे छिपाकर ये परीक्षा केंद्र में जाते। वहीं पर सॉल्वर गैंग कॉल कर अभ्यर्थियों को नकल कराता। लेकिन परीक्षा केंद्र में पहुंचने से पहले ही इस गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया। डीसीपी ने बताया कि कॉल डिटेल और मोबाइल चैट के आधार पर जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग में और कौन-कौन शामिल है।  

महोबा और मिर्जापुर के चक्कर में तीन अभ्यर्थियों की छूट गई परीक्षा

पुलिस भर्ती परीक्षा में अव्यवस्थाएं भी दिखीं। शनिवार को महोबा और मिर्जापुर के चक्कर में तीन अभ्यर्थियों की परीक्षा ही छूट गई। बिहार के अलग-अलग जनपदों से आए ये अभ्सयर्थी शनिवार को महुअरिया स्थित जीआईसी परीक्षा केंद्र के सामने बैठ अपनी किस्मत को कोसते रहे। वे उप्र पुलिस भर्ती बोर्ड लखनऊ से प्रवेश पत्र को लेकर आए मेल को दिखाते रहे। मेल के मैसेज में कभी महोबा जीआईसी तो कभी मिर्जापुर जीआईसी उनके परीक्षा केंद्र बताए गए। दरअसल, सबसे पहले उन्हें महोबा में सेंटर होने की सूचना दी गई। शुक्रवार को रात दस बजे फिर मैसेज आया कि सेंटर मिर्जापुर जीजीआईसी कर दिया गया है, शनिवार सुबह अचानक फिर महोबा सेंटर का मैसेज आया। ऐसे में मिर्जापुर और महोबा के चक्कर में वे परीक्षा से ही वंचित हो गए।

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