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18 अक्तूबर, 2020|6:47|IST

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गोरखपुर-बस्ती मण्डल के 4730 किसानों को झटका, जानें क्‍यों नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ

प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को कहा कि फसल ऋण मोचन योजना अब खत्म हो चुकी है। योजना के अंतर्गत जितने भी पात्र किसान थे, उन्हें योजना का लाभ मिल चुका है, वंचित रह गए पात्र किसानों को कई मौके मिले, अब योजना के मद में आवंटित बजट भी इस्तेमाल हो चुका है। 

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ये दो टूक जवाब एनेक्सी भवन के सभागार में गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दिए। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने प्रमुखता से इस मसले को उठाते हुए पूछा कि गोरखपुर-बस्ती मंडल के 4730 किसानों को अब भी कर्जमाफी का इंतजार है। जिलों से डिमांड भेजे जाने के बाद भी उनके कर्जमाफ नहीं हुए हैं। जवाब में सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि यह योजना खत्म हो चुकी है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 18 मौके दिए गए थे। वार्ता के दौरान संयुक्त कृषि निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी भी मौजूद रहे लेकिन सभी ने चुप साध लिया।  

27 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया
फसल ऋण मोचन योजना के तीन साल से अधिक की अवधि पूरी हो गई। दोनों मण्डल के 4730 किसानों को अब तक 27 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। इस रकम पर लगे ब्याज के कारण कर्ज की धनराशि काफी बढ़ चुकी है। तमाम बैंक तहसीलकर्मियों की मदद से रिकवरी के लिए किसानों को नोटिस भेज रहे हैं। दूसरी ओर किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय से जिला कृषि अधिकारी कार्यालय तक दौड़ लगा रहे हैं। योजना के अंतर्गत सितंबर 2019 ने कर्जमाफी के लिए नए आवेदन नहीं लिए गए। इसके पूर्व में लिए गए आवेदन जिनमें किन्ही कारणों से पात्रता के बाद भी किसानों को कर्जमाफी का लाभ बैकों एवं संबंधित विभागों की लापरवाही से नहीं मिला, दिसंबर 2019 जनवरी 2020 में जिला स्तरीय कमेटियों ने डिमांड प्रस्ताव पास कर भेजा था। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भी कई बार किसानों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से उठाया था। 

जिला-किसान-माफ होने योग्य रकम
गोरखपुर-  556-02.72 करोड़ 
देवरिया- 345-02 करोड़
महराजगंज-0093-70 लाख
कुशीनगर-2606-15.53 करोड़
बस्ती-414-02.35 करोड़
संतकबीरनगर-314-01.83 करोड़
सिद्धार्थनगर-396-02.16 करोड़

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  • Web Title:47 hundred farmers will not get benefit of loan waiver scheme in Gorakhpur