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Hindi News उत्तर प्रदेशसंगम किनारे रोजाना बिक रहा 40 हजार का बोतल बंद पानी, जानिए क्यों खरीदने के लिए मजबूर हैं श्रद्धालु?

संगम किनारे रोजाना बिक रहा 40 हजार का बोतल बंद पानी, जानिए क्यों खरीदने के लिए मजबूर हैं श्रद्धालु?

बोतल बंद पानी का कारोबार संगमनगरी में तेजी फल फूल रहा है, यहां तक कि संगम किनारे भी इसकी खूब बिक्री हो रही है। संगम क्षेत्र में बंधवा पार जो दुकानें लगी हैं, वहां से रोजाना 40 हजार बिक्री हो रही है।

संगम किनारे रोजाना बिक रहा 40 हजार का बोतल बंद पानी, जानिए क्यों खरीदने के लिए मजबूर हैं श्रद्धालु?
Pawan Kumar Sharmaवरिष्ठ संवाददाता,प्रयागराजSun, 21 Apr 2024 04:27 PM
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Hindustan Special: बोतल बंद पानी का कारोबार शहर में तो फल फूल रहा ही है, संगम किनारे भी इसकी खूब बिक्री हो रही है। संगम क्षेत्र में बंधवा पार जो दुकानें लगी हैं, वहां से रोजाना कम से कम 40 हजार रुपये का बोतल बंद पानी खरीदकर श्रद्धालु पी रहे हैं। संगम पर रोजाना 35 से 40 हजार श्रद्धालुओं का आना होता है।

यूपी और एमपी के साथ ही अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु नियमित यहां आते हैं। लेकिन संगम किनारे स्वच्छ जल का कोई भी साधन उपलब्ध नहीं है। बीच में जहां नल लगे हैं, वहां का पानी पीने से लोग बचना चाहते हैं क्योंकि पानी गरम होेने के साथ ही यहां गंदगी भी रहती है। मेला प्राधिकरण ने माघ मेला खत्म होने के बाद वाटर एटीएम और वाटर पोस्ट भी हटा लिए हैं। ऐसे में अब आम श्रद्धालुओं की निर्भरता बोतल बंद पानी पर बढ़ गई है। संगम किनारे दुकान लगाने वाले रमेश बिंद का कहना है कि रोजाना उनकी दुकान से 300 से 400 पानी की बोतल बिकती है। इस पूरे क्षेत्र में रोजाना दो हजार से तीन हजार बोतलों का ऑर्डर कंपनी को दिया जाता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि कम से कम 40 से 60 हजार रुपये के आसपास पानी इस क्षेत्र में बिक जाता है।

नल के पानी पर नहीं भरोसा

संगम पर आए श्रद्धालुओं से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने दो समस्या बताई। एक तो नल का पानी ठंडा नहीं है। इस मौसम में जब पारा 44 डिग्री के आसपास चल रहा है तो लोगों की पहली जरूरत ठंडे पानी की है। मध्य प्रदेश से आए संजय साहू्, दीपक साहू ने बताया कि पानी ठंडा भी नहीं है और गंदा भी होता है। ऐसे में बोतल बंद पानी खरीदकर पीना मजबूरी है।