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Hindi News उत्तर प्रदेशआठ महीने में ही हटा दिए गए 30 लेखपाल और तहसीलदार, नगर आयुक्‍त भी हैरान; क्‍या है वजह

आठ महीने में ही हटा दिए गए 30 लेखपाल और तहसीलदार, नगर आयुक्‍त भी हैरान; क्‍या है वजह

आठ महीने में नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए 30 लेखपालों, तहसीदारों और नायब तहसीदारों को अचानक हटा दिया गया। चकबंदी विभाग से आए इन लेखपालों-तहसीलदारों की प्रतिनियुक्ति अचानक रद्द कर दी गई।

आठ महीने में ही हटा दिए गए 30 लेखपाल और तहसीलदार, नगर आयुक्‍त भी हैरान; क्‍या है वजह
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता ,लखनऊWed, 19 Jun 2024 10:10 AM
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Lekhpals and Tehsildars removed: आठ महीने में नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए 30 लेखपालों, तहसीदारों और नायब तहसीदारों को अचानक हटा दिया गया। चकबंदी विभाग से आए इन लेखपालों और तहसीलदारों की प्रतिनियुक्ति अचानक रद्द कर दी गयी। इसको लेकर नगर निगम में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं क्योंकि नगर आयुक्त तथा महापौर ने काफी मशक्कत के बाद नगर निगम में इन्हें लाने में कामयाबी पायी थी। अफसर कह रहे है कि इनके आने के बाद जमीनों पर कब्जे रोके गए। काफी जमीनें खाली करायी गयी। अब ऐसा क्या हुआ कि आठ महीने में ही प्रतिनियुक्ति खत्म कर दी गयी।

नगर निगम की सीमा में 88 नए गांव शामिल होने के बाद निगम का क्षेत्र काफी बड़ा हो गया था। इससे तमाम सरकारी जमीनें भी नगर निगम के अधिकार में आ गयीं। लेकिन नगर निगम के पास न कोई तहसीलदार था न नायब तहसीलदार। कोई कानून गो भी नहीं था। लेखपाल भी केवल चार ही थे। इससे भूमाफिया निगम की सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे थे। लगातार शिकायतें आ रही थी। नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने शासन को तहसीलदार व लेखपालों की तैनाती के लिए कई पत्र लिखे। खुद महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी पत्र लिखा। वह इसको लेकर मुख्य सचिव से भी मिली। जिसके बाद नवम्बर, दिसम्बर 2023 में चकबंदी विभाग के 30 लेखपालों, कानूनगो, नायब तहसीलदार तथा तहसीलदारों की नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती दी।

प्रतिनियुक्ति के बाद निगम ने अपनी कब्जे वाली जमीनों को खाली कराना शुरू किया। रोजाना अभियान चलाया जा रहा था। तमाम प्रापर्टी डीलरों व माफिया से जमीनें खाली करायी गयीं। कहा जा रहा है कि कार्रवाई से भू-माफिया घबरा गए थे। वह यहां के अधिकारियों व लेखपालों को हटवाने में लगे थे। अब अचानक इनकी प्रतिनियुक्ति खत्म करने से तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन के अनुसचिव हरि प्रसाद ने 14 जून को आदेश जारी कर सभी की प्रतिनियुक्ति खत्म कर दी है।

क्‍या बोले नगर आयुक्‍त 
नगर आयुक्‍त इन्‍द्रजीत सिंह ने कहा कि मैं भी अचम्भित हूं कि कैसे इनकी प्रति नियुक्ति खत्म हुई। इनके आने के बाद भू-माफिया से काफी जमीनें खाली करायी गयी। कब्जे ध्वस्त किए गए। इनके वापस जाने से नगर निगम की सम्पत्ति विभाग में कोई नहीं बचेगा। इसके बारे में शासन को लिखा जाएगा। नगर निगम में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार का रहना जरुरी है।

रिकॉर्ड आठ अरब 79 करोड़ की जमीनें खाली हुईं
पिछले एक वर्ष में नगर निगम ने जमीनों से रिकार्ड कब्जे खाली कराए हैं। 26 मई 2023 से 15 जून 2024 तक नगर निगम ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे खाली कराए हैं। भू-माफिया की प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। जिससे कुल 33 लाख 25 हजार 151 वर्गमीटर जमीनें खाली करायी गयीं। इन जमीनों की कुल कीमत आठ अरब 79 करोड़ रुपए बतायी जा रही है।