ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशमिड डे मील में दाल पीठा खाकर 30 बच्‍चे बीमार, सभी खतरे से बाहर; डीएम ने जांच के आदेश दिए 

मिड डे मील में दाल पीठा खाकर 30 बच्‍चे बीमार, सभी खतरे से बाहर; डीएम ने जांच के आदेश दिए 

Mid Day Meal News: कुशीनगर के शिवदत्त छपरा गांव स्थित संविलयन विद्यालय में मिड डे मील के रूप में बने दाल पीठा खाने से 30 बच्चे बीमार हो गए। उन्हें पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी।

मिड डे मील में दाल पीठा खाकर 30 बच्‍चे बीमार, सभी खतरे से बाहर; डीएम ने जांच के आदेश दिए 
Ajay Singhहिन्‍दुस्‍तान ,कुशीनगरFri, 23 Feb 2024 01:25 PM
ऐप पर पढ़ें

Mid Day Meal: कुशीनगर के खड्डा ब्लाक के ग्राम शिवदत्त छपरा स्थित संविलयन विद्यालय में एमडीएम के रूप में बने दाल पीठा खाने से 30 बच्चे बीमार हो गए। उन्हें पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। विद्यालय परिसर में अफरा तफरी मच गयी। बीमार बच्चों को आनन फानन में एम्बुलेंस से कोटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। जहां भर्ती कर डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया।

इलाज के बाद सभी बच्चे स्वस्थ बताए गए हैं। सूचना मिलते ही डीएम उमेश मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, बीएसए डॉ रामजियावन मौर्य और सीएमओ डॉ सुरेश पटारिया सहित पूरा प्रशासनिक अमला सीएचसी पहुंच गया। डीएम ने लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए डीएम ने एसडीएम खड्डा आशुतोष कुमार, बीडीओ खड्डा व खड्डा के ही एमओआईसी की टीम गठित की है। सीएमओ ने बच्चों में फूड प्वाइजनिंग की बात कही है।

खड्ढा क्षेत्र के ग्राम शिवदत्त छपरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में ही प्राथमिक स्कूल भी मर्ज कर इसे संविलयन विद्यालय का दर्जा दिया गया है। यहां कुल 265 बच्चों का नामांकन है। जिसमें से 147 बच्चे विद्यालय में गुरुवार को उपस्थित थे। दोपहर में मिड डे मील में मैन्यू के अनुसार रोटी दाल बनना था। दाल पीठा बनाया गया था। जिसे खाने के कुछ देर बाद कुछ बच्चों को पेट दर्द के साथ उल्टियां होने लगीं। यह देख विद्यालय में अफरातफरी मच गयी। विद्यालय की प्रभारी संध्या के साथ मौके पर जुटे लोगों ने अध्यापकों की मदद से पेट दर्द व उल्टी की शिकायत कर रहे गनेश (10)पुत्र लालबहादुर, रितांशु (13) पुत्र पलटू, सविता (11) पुत्री राधा किशुन, सृष्टि (10) राजकुमार, नंदिनी (8) पुत्री उमेश, रेशम (9) पुत्री मुन्ना, संगम (9) पुत्र रामप्रवेश, अंकित (12) रामू, प्रिंस (11) पुत्र विनोद, शिवा (11) रामू, ज्योति (5) पुत्री अर्जुन, गुड़िया (14) पुत्री अयोध्या, गुंजन (9) पुत्री राम बहाल, सुन्दरी (9) पुत्री बैजनाथ, अमृता (9) पुत्री विश्वनाथ, रिचा (12) पुत्री धर्मेन्द्र, सोनम (12) पुत्री कैलाश, नेहा (11) पुत्री रामहरख, अंतिमा (7) पुत्री अंगद, निशा (12) पुत्री गब्बू, शिवानी (7) पुत्री इंद्रजीत, कृष्णा (12) पुत्र रमेश, निक्की (12) पुत्री सुरेन्द्र, संगम (12)पुत्री मुन्ना, लक्की (11) पुत्र अखिलेश, संतोष (8) पुत्र सुदामा, अंकिता (7) पुत्री सुदामा, राहुल (8) पुत्र शैलेष, नीतू (8) पुत्री अखिलेश, चुलबुली (10) पुत्री सुदामा सहित कुल 30 बच्चों को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवा में भर्ती कराया। इनमें पहले केवल 18 बच्चे ही एंबुलेंस से लाए गए थे। बाद में तीन और लाए गए। देर शाम को फिर से छह बच्चों को सीएचसी लाकर भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही डीएम समेत जिले का पूरा प्रशासनिक अमला सीएचसी पर पहुंच गया। अफसरों ने बच्चों से इसकी जानकारी ली। डॉक्टर ने सभी की जांच के अधिकारियों को बताया कि अब सभी बच्चे स्वस्थ हैं। इस दौरान अस्पताल पर परिजनों सहित तमाम लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

तीन सदस्‍यीय जांच कमेटी गठित 
डीएम उमेश मिश्र ने कहा कि एमडीएम खाने के बाद कुछ बच्चों के बीमार होने की बात सामने आयी है। मामले की जाचं के लिए एसडीएम खड्डा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गयी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी की लापरवाही सामने आयी तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खतरे से बाहर हैं बच्‍चे 
सीएम डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। एमडीएम खाने वाले जो बच्चे अस्पताल नहीं पहुंचे थे, डॉक्टरों की टीम भेज कर उनकी भी जांच करायी गयी है। सभी स्वस्थ्य हैं।

शिक्षकों की निगरानी में बना था एमडीएम
बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंची स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक संध्या ने बताया कि स्कूल के उनके अलावा शिक्षक विद्यानंद, राकेश, रमेश, शंकुतला व सूर्यप्रकाश आदि की निगरानी में रोज की तरह अपनी देखरेख में भोजन बनवाया था। एमडीएम खाने के कुछ देर बाद दो तीन बच्चे उल्टी व पेट दर्द की शिकायत करने तो वह लोग खुद हैरत में पड़ गए। एंबुलेंस बुलाकर बच्चों को सीएचसी भेजा जाने लगा तो कई बच्चे बीमार होने की शिकायत करने लगे। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल में तैनात रसोइया कुशमावती, फुलवा, गेनिया, गेनिया दो व उमरावती ने भोजन बनाया था। रोज यही भोजन बनाती हैं। बच्चों को खिलाने से पहले नियमानुसार उसे चखा भी गया था। तब कोई दिक्कत नहीं हुई थी।

सीएचसी पर डटे बीएसए 
बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य ने कहा कि सूचना मिलने के बाद से सीएचसी पर ही हूं। सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। एक टीम गांव भेज कर अन्य बच्चों की सेहत की भी जनकारी ली गयी है। सभी स्वस्थ हैं। मामले की जांच करायी जा रही है। विभाग से संबंधित जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें